मुख्य सामग्री पर जाएं
हिंदी संस्करण
पायनियर स्वतंत्र · निष्पक्ष · निर्भीक
दिल्ली

अखबार में पढ़ी हर बात पीआईएल का आधार नहीं हो सकती: हाईकोर्ट

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस के लाठीचार्ज के आरोप और दिल्ली पुलिस के इससे इनकार के मामले में हाईकोर्ट ने दायर जनहित याचिका (पीआईएल) खारिज कर दी। याचिकाकर्ता ने मीडिया में आई विरोधाभासी…

साझा करें WhatsAppFacebookX
अखबार में पढ़ी हर बात पीआईएल का आधार नहीं हो सकती: हाईकोर्ट

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस के लाठीचार्ज के आरोप और दिल्ली पुलिस के इससे इनकार के मामले में हाईकोर्ट ने दायर जनहित याचिका (पीआईएल) खारिज कर दी। याचिकाकर्ता ने मीडिया में आई विरोधाभासी खबरों के आधार पर पुलिस से मामले की सच्चाई सामने लाने और जवाबदेही तय करने की मांग की थी।
मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने कहा कि जनहित याचिका का अधिकार क्षेत्र इस तरह के मामलों के लिए नहीं है। अदालत ने याचिकाकर्ता से पूछा कि उन्हें अपनी शिकायत पर दिल्ली पुलिस से फैसला कराने का कोई वैधानिक अधिकार किस कानून के तहत मिला है। पीठ ने टिप्पणी की कि अखबार में पढ़ी हर बात के आधार पर जनहित याचिका दायर नहीं की जा सकती। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता को यह बताना होगा कि किसी कानूनी या संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन हुआ है या किसी अधिकार से इनकार किया गया है। केवल ‘जवाबदेही’ और ‘पारदर्शिता’ जैसे शब्दों के आधार पर पीआईएल दाखिल नहीं की जा सकती। याचिका में कहा गया था कि दिल्ली पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज से इनकार किया है, जबकि मीडिया में इसके विपरीत खबरें सामने आई हैं।