पर्दे में रहने दो, परदा ना उठाओ!

- जहां मुख्यमंत्री कर चुके
दौरा, वहीं गंदगी व अवैध पार्किंग का खेल
- मिनी स्टेडियम बना तालाब,
बाउंड्री से सटा
कूड़े का अम्बार
- दूसरी तरफ अवैध पार्किंग
का अड्डा जिम्मेदारों की चुप्पी से बीमारी और हादसों को दावत
- जहां मुख्यमंत्री कर चुके दौरा, वहीं गंदगी व अवैध पार्किंग का खेल
- मिनी स्टेडियम बना तालाब, बाउंड्री से सटा कूड़े का अम्बार
- दूसरी तरफ अवैध पार्किंग का अड्डा जिम्मेदारों की चुप्पी से बीमारी और हादसों को दावत
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। विकास नगर इलाके में रिंग रोड स्थित मिनी स्टेडियम इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। जिस मैदान में कभी बच्चे खेलकूद के जरिए अपना भविष्य संवारने पहुंचते थे, वहां अब जगह-जगह जलभराव, गंदगी और अव्यवस्थित पार्किंग का कब्जा नजर आता है। हालात यह हैं कि मिनी स्टेडियम अब मैदान कम और तालाब अधिक नजर आने लगा है। खास बात यह है कि इसी मिनी स्टेडियम में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी का कार्यक्रम भी हो चुका है। इसके बावजूद स्टेडियम की मौजूदा हालत जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।

मैदान की बाउंड्री के एक तरफ बदबूदार कूड़े का ढेर लगा है तो दूसरी तरफ वाहनों की पार्किंग का अड्डा बना हुआ है। वहीं स्टेडियम के बगल में स्थित टाटा मोटर्स के बाहर भी बड़ी संख्या में वाहन सड़क किनारे बेतरतीब खड़े रहने की शिकायत सामने आ रही है। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ ही राहगीरों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आरोप है कि स्टेडियम की जमीन और आसपास का क्षेत्र पार्किंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
स्टेडियम की बाउंड्री से सटे नाले के किनारे लगातार कूड़ा डंप किए जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है। कूड़े से उठने वाली दुर्गंध के कारण आसपास से गुजरना भी मुश्किल हो रहा है। गंदगी के बीच मच्छरों और अन्य संक्रमण फैलाने वाले कारकों का खतरा भी बना हुआ है। इसी परिसर में विकास नगर मिनी स्टेडियम पुलिस चौकी भी मौजूद है, जहां दिनभर फरियादियों और आम लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में गंदगी और दुर्गंध के बीच पुलिसकर्मियों के साथ फरियादियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

बच्चों के खेल के मैदान पर बदहाली का पहरा
कभी खिलाड़ियों और बच्चों से गुलजार रहने वाला मिनी स्टेडियम अब अपनी बदहाली के चलते लोगों से दूर होता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलभराव, कूड़े और अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो मैदान का उद्देश्य ही खत्म हो जाएगा। क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग और नगर निगम से स्टेडियम की साफ-सफाई, जलनिकासी, कूड़ा हटाने और अवैध रूप से खड़े वाहनों पर कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि जिम्मेदारों की नींद कब टूटती है और कब बच्चों को दोबारा साफ-सुथरे मैदान में खेलकर अपना भविष्य संवारने का मौका मिलता है।



