- सिविल अस्पताल का वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप
- झाड़-फूंक करने वाला युवती की उंगलियां दबाता और नीम की पत्तियां खिलाता दिखा अस्पताल प्रबंधन बोला- डॉक्टरों ने नहीं बुलाया था
कविता। पलवल
जिला सिविल अस्पताल से सामने आए एक वीडियो ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और अंधविश्वास, दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सांप के काटने के बाद अस्पताल पहुंची 20 वर्षीय युवती को फर्श पर बैठाकर नीम की पत्तियों से झाड़ा लगाए जाने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में एक अधेड़ व्यक्ति युवती के सामने बैठकर नीम की पत्तियों से उसके शरीर पर झाड़ा लगाता दिखाई दे रहा है। वह बीच-बीच में युवती की कलाई पकड़कर उसकी अंगुलियां दबाता और उसे नीम की पत्तियां खाने के लिए देता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि झाड़-फूंक अस्पताल में अधिकृत उपचार का हिस्सा नहीं है और डॉक्टरों ने ऐसे किसी व्यक्ति को नहीं बुलाया था। अस्पताल के अनुसार युवती को सांप के काटने पर जरूरी उपचार के साथ एंटी-वेनम इंजेक्शन दिया गया था और झाड़ा लगाने वाले व्यक्ति को जानकारी मिलते ही अस्पताल से बाहर कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार पलवल के गांव चांदहट निवासी 20 वर्षीय बबीता 18 अगस्त को खेत में काम कर रही थी।
इसी दौरान सांप ने उसके हाथ पर काट लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल पलवल के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक डॉक्टरों ने युवती की जांच करने के बाद उसे सांप के काटने पर दिया जाने वाला एंटी-वेनम इंजेक्शन लगाया और आगे के उपचार के लिए चिकित्सकीय प्रक्रिया शुरू की। बबीता के भाई बिट्टू के मुताबिक अस्पताल में इलाज के दौरान इमरजेंसी के बाहर एक व्यक्ति मिला। उसने दावा किया कि वह सांप के काटने पर जहर निकाल देता है। परिवार युवती की हालत को लेकर चिंतित था, इसलिए उसे अस्पताल के अंदर ले आया। इसके बाद सामने आए वीडियो में वही व्यक्ति युवती के सामने बैठकर नीम की पत्तियों से झाड़ा लगाता दिखाई दे रहा है। वीडियो में युवती अर्ध-बेहोशी जैसी स्थिति में फर्श पर बैठी नजर आती है, जबकि झाड़ा लगाने वाला व्यक्ति उसके हाथ की अंगुलियां दबाता और कुछ बुदबुदाता हुआ दिखाई देता है।
वीडियो में कुछ देर बाद वह व्यक्ति नीम की पत्तियां तोड़कर युवती को खाने के लिए देता है। युवती उन पत्तियों को मुंह में रखती दिखाई देती है। इस दौरान पास में एक महिला और युवक भी बैठे नजर आते हैं, जिन्हें परिजन बताया जा रहा है। बिट्टू के अनुसार सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार और एंटी-वेनम इंजेक्शन देने के बाद डॉक्टरों ने बबीता को नल्लड़ मेडिकल कॉलेज-अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिवार उसे वहां लेकर गया, जहां उपचार के बाद मंगलवार शाम उसे छुट्टी दे दी गई। परिजनों के मुताबिक रास्ते में उन्होंने एक देसी हकीम से भी दवा पिलाई। फिलहाल बबीता की हालत ठीक बताई जा रही है।
सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. संजय ने कहा कि अस्पताल में झाड़-फूंक की अनुमति नहीं है। डॉक्टरों ने युवती को आवश्यक उपचार दिया और एंटी-वेनम इंजेक्शन लगाया था। उनके अनुसार परिवार ही बाहर से झाड़ा लगाने वाले व्यक्ति को लेकर आया था। जानकारी मिलते ही अस्पताल स्टाफ ने उसे वहां से बाहर कर दिया। एसएमओ ने यह भी कहा कि वायरल वीडियो इमरजेंसी वार्ड के अंदर का नहीं, बल्कि अस्पताल के दूसरे हिस्से का है।