नाला निर्माण में मानकों की अनदेखी, तहसीलदार ने रुकवाया काम
शास्त्रीनगर में दो सूत की सरिया से बन रहा था मुख्य नाला, ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंचे न्यायिक तहसीलदार

निघासन-खीरी। नगर के शास्त्रीनगर मोहल्ले में बनाए जा रहे मुख्य नाले के निर्माण में मानकों की अनदेखी की शिकायत पर सोमवार को तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया। लोगों ने नाले में घटिया सामग्री के साथ मानक से कम मोटाई की सरिया लगाए जाने की शिकायत की थी।शास्त्रीनगर मोहल्ले में पलिया रोड से तहसील तक गंदे पानी की निकासी के लिए नाला बनाया जा रहा है। करीब दो सप्ताह पहले नाला खोदने के बाद उसकी तलहटी और दोनों तरफ की दीवारों के लिए दो सूत की सरिया का जाल तैयार किया गया था। सरिया की मोटाई को लेकर मोहल्ले के लोगों ने आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों से आॅनलाइन शिकायत की थी।
शिकायत पर पीडब्ल्यूडी के जेई शारदा राम ने 24 सितंबर को मौके पर पहुंचकर जांच की थी। उन्होंने ठेकेदार केडी सिंह को दो सूत की सरिया के जाल के बीच-बीच में चार सूत की सरिया लगाने और नाले को टेढ़ा-मेढ़ा बनाने के बजाय सीधा रखने के निर्देश दिए थे। एई महेंद्र यादव ने भी ठेकेदार को नगर पंचायत कार्यालय बुलाकर मानकों के अनुरूप काम करने की हिदायत दी थी।
इसके बाद तीन दिन तक हुई बारिश का पानी नाले और आसपास की खाली जगह में भरा रहा। रविवार को पानी कम होने पर मजदूरों ने नाले में जमा काई, मिट्टी और कीचड़ हटाए बिना ही मसाला डालना शुरू कर दिया। आरोप है कि जेई के निर्देश के बावजूद दो सूत की सरिया के जाल के बीच चार सूत की सरिया नहीं लगाई गई। सोमवार को नाले की साइड की दीवारों की शटरिंग का काम भी बिना चार सूत की सरिया लगाए शुरू कर दिया गया।
इस पर मोहल्ले के लोगों ने दोबारा अधिकारियों को फोन कर शिकायत की। एसडीएम यदुवीर सिंह ने तहसीलदार न्यायिक विशाल शाह को मौके पर भेजा। लोगों ने तहसीलदार को निर्माण की स्थिति से अवगत कराते हुए नाला जल्द क्षतिग्रस्त होने की आशंका जताई। तहसीलदार ने मौके पर काम रुकवा दिया और मजदूरों के सामने ठेकेदार से फोन पर बात कर नाले का निर्माण जेई की निगरानी में कराने के निर्देश दिए हैं।



