मुल्लापुर की महिला प्रधान को बदनाम करने की कोशिश
विकास कार्यों से चिढ़े विरोधियों ने लगाए फर्जी आरोप

लखीमपुर-खीरी। विकास खंड पसगवां की ग्राम पंचायत मुल्लापुर की लोकप्रिय ग्राम प्रधान सविता मिश्रा पर कुछ ग्रामीणों द्वारा लगाए गए उत्पीड़न और अतिक्रमण के आरोपों को उनके समर्थकों और ग्रामीणों के एक बड़े वर्ग ने पूरी तरह निराधार और राजनीतिक साजिश बताया है।
समर्थकों का कहना है कि जब से सविता मिश्रा प्रधान बनी हैं, तब से गांव में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं। चाहे आवास योजना हो, शौचालय, नाली-खड़ंजा या पेंशन योजना - सभी कार्य बिना किसी भेदभाव के कराए गए हैं। उनकी ईमानदार छवि और तेज तर्रार कार्यशैली से कुछ लोग जो वर्षों से सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा किए बैठे थे, उनको तकलीफ हो रही है।
क्या है पूरा मामला? दरअसल ग्राम प्रधान ने हाल ही में गांव की सरकारी जमीनों को चिन्हित कर प्रशासन को अतिक्रमण की सूची सौंपी थी। जिसके बाद से अतिक्रमणकारी उनसे रंजिश मानने लगे। समर्थकों का आरोप है कि उन्हीं लोगों ने राहुल कुमार व अन्य को आगे करके प्रधान के खिलाफ फर्जी शिकायती पत्र बनवाया है, जिसमें 100 से अधिक फर्जी शिकायतों का मनगढ़ंत आरोप लगाया गया है।
बेगार और धमकी का आरोप झूठा! प्रधान समर्थकों ने कहा कि किसी से बेगार कराने या पुलिस की धमकी देने का आरोप सरासर झूठ और बेबुनियाद है। महिला प्रधान होने के नाते उन्हें ही लगातार धमकाया जा रहा है और उनके विकास कार्यों में अड़ंगा डाला जा रहा है। गांव की महिलाओं ने भी प्रधान का समर्थन करते हुए कहा कि सविता मिश्रा ने महिलाओं को सम्मान दिया है और गांव में पहली बार महिला प्रधान होने से गांव का विकास हुआ है।
महिला शक्ति के साथ खड़ा गांव!गांव की महिलाओं ने भी प्रधान का समर्थन करते हुए कहा कि सविता मिश्रा ने महिलाओं को सम्मान दिया है और गांव में पहली बार महिला प्रधान होने से गांव का चहुंमुखी विकास हुआ है।
निष्पक्ष जांच की मांग!समर्थकों ने जिलाधिकारी खीरी और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच में जो भी फर्जी शिकायत करने वाले दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि एक ईमानदार महिला प्रधान को न्याय मिल सके।



