मलिहाबाद में आरा मशीनों पर प्रशासन का छापा, दो वन दरोगाओं को नोटिस

सदरपुर में एसडीएम के औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप, दस्तावेज न मिलने पर मांगा स्पष्टीकरण
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। मलिहाबाद फलपट्टी क्षेत्र में अवैध लकड़ी कटान और लकड़ी के अवैध भंडारण की शिकायतों को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। बुधवार को उपजिलाधिकारी अपराजिता आर्यन ने सदरपुर में संचालित आरा मशीनों का औचक निरीक्षण किया। एसडीएम के अचानक पहुंचने से आरा मशीन संचालकों में अफरा-तफरी मच गई। निरीक्षण के दौरान कई संचालक मौके पर मौजूद नहीं मिले। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी ने आरा मशीनों के संचालन से संबंधित वैध अभिलेख और लकड़ी के परिवहन के लिए आवश्यक ट्रांजिट परमिट (टीपी) मांगे। संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।
एसडीएम ने वन विभाग के वन दरोगा शिव सहाय और बिजेंद्र सिंह को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही दोनों से मामले की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है।उपजिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद लेखपाल को संबंधित भूमि की गाटा संख्या के आधार पर तत्काल पैमाइश कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। भूमि के अभिलेखों और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद ही आरा मशीनों के संचालन की वैधता स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से आरा मशीन संचालकों के साथ ही संबंधित विभागीय कर्मचारियों में भी हलचल तेज हो गई है।
उपजिलाधिकारी अपराजिता आर्यन ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, शुरुआती जांच में दो आरा मशीनों के अवैध रूप से संचालित होने की बात सामने आने की चर्चा है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने और रिपोर्ट के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही हो सकेगी।इस संबंध में वन विभाग की रेंजर सोनम दीक्षित ने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। इसे उपजिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब मामले में प्रशासन की जांच रिपोर्ट और प्रस्तावित कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।



