कुर्सी का नशा या सत्ता का अहंकार? सीएमओ कार्यालय बना धमकी का अड्डा
योगी राज में अफसरशाही बेलगाम, खीरी सीएमओ ने संविदा कर्मियों को सरेआम धमकाया

लखीमपुर-खीरी।सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ जहां संविदा कर्मियों के हितों की बात कर रहे हैं, वहीं लखीमपुर-खीरी में उनके ही विभाग के सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता का अहंकारी चेहरा सामने आया है। ठऌट संविदा कर्मचारियों के शांतिपूर्ण धरने को कुचलने के लिए सीएमओ खुद धरना स्थल पर पहुंच गए और चुटकी बजाते हुए कर्मचारियों को खुलेआम धमकाने लगे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया है।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता माइक से नहीं, बल्कि सीधे कर्मचारियों के बीच खड़े होकर हिटलरशाही अंदाज में कह रहे हैं- "आप लोग समझना नहीं चाह रहे, मजबूर कर रहे हैं कि कुछ एक्शन लिया जाए... पंद्रह मिनट के अंदर ये परिसर खाली हो जाना चाहिए, नहीं तो एक-एक के खिलाफ एक्शन होगा।"
बताया जा रहा है कि जिले के सैकड़ों ठऌट संविदा कर्मचारी नियमितीकरण और वेतन विसंगति सहित कई मांगों को लेकर कई दिनों से सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना दे रहे थे। कर्मचारी शांति से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते थे, लेकिन सीएमओ ने बात सुनने के बजाय उन्हें ही बंधक जैसा व्यवहार करते हुए 15 मिनट का अल्टीमेटम दे दिया।
सीएमओ के इस रवैये से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। धरने पर बैठी एक महिला कर्मचारी ने बताया कि "हम लोग दिन-रात स्वास्थ्य सेवाएं देते हैं, कोरोना में जान जोखिम में डाली, और आज अपने हक की बात कर रहे हैं तो सीएमओ साहब हमें धमका रहे हैं।"
वहीं इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की किरकिरी हो रही है। सवाल उठ रहा है कि क्या एक जिले के स्वास्थ्य मुखिया को इस तरह अपने ही अधीनस्थ कर्मचारियों को धमकाना शोभा देता है? क्या शांतिपूर्ण धरना देना गुनाह है?
वीडियो वायरल होने के बाद शासन तक मामला पहुंचने की चर्चा है सूत्रों की मानें तो संविदा कर्मियों ने चेतावनी दी है कि अगर सीएमओ ने माफी नहीं मांगी और उनकी मांगों पर विचार नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।



