ज्वालापुरी हादसे के पीड़ित परिवार को नौकरी और आर्थिक मदद की मांग

नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने
नांगलोई विधानसभा क्षेत्र की ज्वालापुरी कॉलोनी में जर्जर मकान ढहने की घटना पर गहरी
संवेदना व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवार को तत्काल सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग
की है। उन्होंने हादसे में घायल युवक को सरकारी नौकरी देने तथा मकान के पुनर्निर्माण के लिए
आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग सरकार से की।
देवेंद्र यादव ने शनिवार को ज्वालापुरी पहुंचकर दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया और प्रभावित
परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्ष 1977 में बने मकान
के जर्जर होने के कारण उसके ढहने से एक युवक के गंभीर रूप से घायल होने और 50 वर्षीय
व्यक्ति की मृत्यु की घटना अत्यंत पीड़ादायक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे के बाद सरकारी तंत्र की प्रतिक्रिया संतोषजनक नहीं रही। उनके
अनुसार, स्थानीय लोगों ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने और घायल युवक की जान बचाने
में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि घटना के कई घंटे बाद तक राष्ट्रीय आपदा मोचन
बल के कर्मियों के मौके पर नहीं पहुंचने का दावा स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों को गंभीर
बनाता है।
देवेंद्र यादव ने दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की ओर से बड़ी-बड़ी
घोषणाएं की जाती हैं, लेकिन दुर्घटना या आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल राहत
और सहायता उपलब्ध कराने के लिए तंत्र की सक्रियता दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि
ज्वालापुरी कॉलोनी में बड़ी संख्या में गरीब परिवार लंबे समय से जर्जर मकानों में रहने को
मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अपने मकानों
की मरम्मत तक कराने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में जर्जर मकानों की समस्या केवल आवास से
जुड़ा विषय नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। उन्होंने कहा कि
समय रहते जर्जर मकानों की पहचान कर उनकी मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण के लिए आर्थिक
सहायता उपलब्ध कराना आवश्यक है।
देवेंद्र यादव ने दिल्ली सरकार से मांग की कि ज्वालापुरी हादसे में प्रभावित परिवार को तत्काल
आर्थिक सहायता दी जाए। घायल युवक को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने के साथ उसके
मकान के पुनर्निर्माण के लिए पर्याप्त आर्थिक मदद दी जाए, ताकि परिवार को दोबारा अपना
जीवन व्यवस्थित करने में कठिनाई न हो।
उन्होंने कहा कि ज्वालापुरी में लगभग 50 वर्षों से रह रहे अनेक गरीब परिवारों के मकान अब
पुराने और जर्जर हो चुके हैं। यदि इन मकानों की समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो
भविष्य में भी गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहेगी। उन्होंने सरकार से ऐसे सभी मकानों का
सर्वेक्षण कराने और अत्यंत जर्जर भवनों में रहने वाले परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग
की।
देवेंद्र यादव ने यह भी कहा कि दिल्ली में जर्जर मकानों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को
रोकने के लिए स्थानीय निकायों को अपनी जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभानी चाहिए। उन्होंने
भवनों की स्थिति की नियमित जांच, जोखिम वाले मकानों की पहचान और जरूरतमंद परिवारों
के पुनर्वास अथवा मरम्मत के लिए सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस दौरान प्रदेश महासचिव संगठन एवं पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज, पूर्व अखिल भारतीय
कांग्रेस कमेटी सचिव एवं नांगलोई विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी रोहित चौधरी, जिला अध्यक्ष
वरुण ढाका, पूर्व जिला अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक सुरेन्द्र कुमार, महासचिव डॉ. पी.के. मिश्रा,
निगम पार्षद मंदीप शौकीन, पूर्व पार्षद पृथ्वी सिंह राठौड़ और अनूप शौकीन सहित अन्य कांग्रेस
नेता मौजूद रहे।
देवेंद्र यादव ने कहा कि संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देना सरकार और
प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ज्वालापुरी हादसे के पीड़ित परिवार के साथ खड़े
रहने की बात कहते हुए सरकार से तत्काल सहायता उपलब्ध कराने तथा दिल्ली में जर्जर
मकानों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सुरक्षा के लिए व्यापक कदम उठाने
की मांग की।



