हरचंदपुर के धान क्रय केंद्र इधर से उधर, सेटिंग-गेटिंग का खेल
अधिकारियों और राइस मिल मालिकों की साठगांठ से हजारों क्षेत्रीय किसानों की बढ़ी मुश्किलें

हरचंदपुर, रायबरेली। उत्तर प्रदेश सरकार भले ही किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने और धान खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकारियों और राइस मिल मालिकों का गठजोड़ इन दावों की हवा निकाल रहा है। ताजा मामला रायबरेली जनपद के हरचंदपुर विकासखंड से सामने आया है, जहाँ धान क्रय केंद्र बनाने में सेटिंग-गेटिंग का एक बड़ा खेल उजागर हुआ है। मिलीभगत के चलते धान क्रय केंद्रों को नियमों को ताक पर रखकर इधर से उधर शिफ्ट कर दिया गया है। पूरा मामला पी सी एफ कृषक सेवा केंद्र गंगागंज से जुड़ा है। लखनऊ-रायबरेली हाईवे पर हरचंदपुर और गंगागंज के ठीक मध्य में इस केंद्र का अपना खुद का विशाल सरकारी गोदाम मौजूद है। कायदे से धान क्रय केंद्र इसी गोदाम पर खोला जाना चाहिए था, ताकि क्षेत्र के किसानों को सहूलियत हो। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने राइस मिल मालिकों के साथ मिलकर खेल कर दिया। इस केंद्र को मुख्य हाईवे के सरकारी गोदाम पर न बनाकर, एट राही विकासखंड के नाम पर दूर बना दिया गया है।
हजारों किसान होंगे प्रभावित, बढ़ेगा भाड़ा:क्षेत्रीय किसानों का आरोप है कि क्रय केंद्र को मूल स्थान से हटाने के पीछे अधिकारियों और राइस मिलर्स की सोची-समझी साजिश है। केंद्र के दूर होने से हजारों स्थानीय किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे न सिर्फ उनका परिवहन खर्च भाड़ा बढ़ेगा, बल्कि उन्हें अपनी उपज बेचने में भारी मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ेगा। किसानों का कहना है कि जानबूझकर ऐसा माहौल बनाया जा रहा है ताकि परेशान होकर किसान औने-पौने दामों में बिचैलियों और निजी राइस मिल मालिकों को धान बेचने पर मजबूर हो जाएं।
किसानों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी:हरचंदपुर क्षेत्र के किसानों में इस सौतेले व्यवहार को लेकर भारी आक्रोश है। स्थानीय किसान नेताओं और क्षेत्रीय ग्रामीणों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि पीसीएफ केंद्र गंगागंज के अपने मूल सरकारी गोदाम पर तत्काल धान क्रय केंद्र बहाल नहीं किया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। प्रशासन के इस तानाशाही रवैये के खिलाफ जल्द ही एक बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी। इस सम्बंध में अपर जिलाधिकारी सिद्दार्थ से वार्ता करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन कॉल रिसीव नही हो सका।
मामला संज्ञान में आया है, अगर इसे दुरूस्त न किया गया तो मामले को मुख्यमंत्री की चौखट तक लेकर जायेंगे।
राकेश सिंह
पूर्व विधायक, हरचन्दपुर।



