गांधी जयंती की छुट्टी की आड़ में आम के छह पेड़ों पर चला दी आरियां

सलेमपुर महदूद का मामला, जड़ें उखाड़कर ट्रैक्टर से जोत डाला खेत
वन विभाग की जांच में अवैध कटान की पुष्टि, बागस्वामी पर कार्रवाई की तैयारी
हरिद्वार। गांधी जयंती की छुट्टी और रात के अंधेरे का फायदा उठाकर सलेमपुर महदूद क्षेत्र में आम के हरे-भरे पेड़ों पर आरियां चला दी गई। वन माफिया ने बागस्वामी की मिलीभगत से छह आम के पेड़ों को अवैध रूप से काट दिया। इतना ही नहीं, कार्रवाई के निशान मिटाने के लिए पेड़ों की जड़ों तक को उखाड़ दिया गया और इसके बाद ट्रैक्टर से खेत की जुताई कर दी गई। मामला सामने आने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। जांच में छह आम के पेड़ों के अवैध कटान की पुष्टि हुई है। अब वन विभाग कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
जानकारी के मुताबिक, सलेमपुर महदूद क्षेत्र में बाग में खड़े आम के पेड़ों को छुट्टी के दौरान काटा गया। पेड़ों को काटने के बाद उनकी लकड़ी को मौके से हटाने के साथ ही जड़ों को भी निकाल दिया गया। इसके बाद खेत को ट्रैक्टर से जोत दिया गया। इससे प्रथम दृष्टया यही सवाल उठ रहा है कि क्या पेड़ों के कटान के साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई? यदि वन विभाग की अनुमति के बिना पेड़ों का कटान हुआ तो इतनी बड़ी कार्रवाई रात के अंधेरे में कैसे हो गई और इसकी भनक संबंधित विभाग को क्यों नहीं लगी?
मामले में सबसे गंभीर पहलू यह सामने आया है कि सिर्फ पेड़ों को काटकर छोड़ने के बजाय उनकी जड़ों तक को निकाल दिया गया। आमतौर पर पेड़ काटे जाने के बाद मौके पर ठूंठ और जड़ें साक्ष्य के तौर पर मौजूद रहती हैं। यहां जड़ों को भी हटाकर खेत की जुताई कर दी गई। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या ऐसा जानबूझकर किया गया, ताकि मौके पर पेड़ काटे जाने के निशान कम से कम दिखाई दें। वन विभाग अब इस पहलू की भी जांच कर रहा है।
- छह पेड़ों का कटान मिला, कार्रवाई की तैयारी
- छुट्टी के दिन कटान, विभागीय निगरानी पर भी सवाल
- क्या कहते हैं अधिकारी
शीशपाल सिंह, वन क्षेत्राधिकारी, वन विभाग



