गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से गूंजा नगर की मिलेगी, गंग नहर में विसर्जित हुईं गणपति प्रतिमाएं

-चतुर्दशी पर सुबह से गंग नहर घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
-शाम को ढोल-नगाड़ों के साथ निकली भव्य विसर्जन यात्रा, सुरक्षा को लेकर पुलिस रही मुस्तैद
खतौली। गणेश चतुर्दशी के अवसर पर शनिवार को नगर में श्रद्धा और भक्ति का उल्लास दिखाई दिया। गणपति उत्सव के समापन पर सुबह से ही गंग नहर घाट पर भगवान गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। दोपहर तक घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच चुके थे। घरों और विभिन्न मंदिरों में स्थापित गणपति प्रतिमाओं को श्रद्धालु सुसज्जित वाहनों में लेकर ढोल-नगाड़ों और गणपति बप्पा के जयकारों के बीच विसर्जन स्थल तक पहुंचे।गंग नहर घाट पर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान गणपति का पूजन किया और आरती उतारी। इसके बाद गणपति प्रतिमाओं का गंग नहर में विसर्जन किया गया। इस दौरान ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश से परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरोगी जीवन की कामना की। गणपति विसर्जन को लेकर महिलाओं, पुरुषों और बच्चों में भी खासा उत्साह रहा। कई श्रद्धालु ढोल की थाप पर नाचते-गाते हुए विसर्जन स्थल तक पहुंचे। जगह-जगह अबीर-गुलाल उड़ाया गया और श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को गणपति उत्सव की शुभकामनाएं दीं। नगर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी लोग अपने घरों और मंदिरों में स्थापित गणपति प्रतिमाओं को लेकर गंग नहर पहुंचे। इसके चलते दिनभर घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। शाम के समय नगर में गणपति प्रतिमाओं की भव्य विसर्जन यात्रा निकाली गई। विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु भगवान गणपति की प्रतिमाओं को आकर्षक ढंग से सजे वाहनों में लेकर यात्रा में शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों और धार्मिक संगीत के बीच श्रद्धालु गणपति बप्पा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। विसर्जन यात्रा जिन मार्गों से होकर गुजरी, वहां लोगों ने पुष्पवर्षा कर भगवान गणपति का स्वागत किया। यात्रा के दौरान पूरा नगर गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से गूंजता रहा। गणपति विसर्जन के दौरान गंग नहर घाट और नगर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल तैनात रहा। घाट और विसर्जन स्थल पर पुलिसकर्मी लगातार निगरानी करते रहे। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के साथ ही यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी पुलिसकर्मी सक्रिय रहे। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से निर्धारित स्थान पर ही प्रतिमाओं का विसर्जन करने और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई। दिन भर चले गणपति विसर्जन कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना। सुबह से शुरू हुआ प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शाम तक जारी रहा। गणपति प्रतिमाओं को विदाई देते समय श्रद्धालुओं के बीच भावुकता भी दिखाई दी। पूरे दिन खतौली का माहौल भक्ति और उल्लास से सराबोर रहा तथा गंग नहर क्षेत्र समेत नगर के विभिन्न मार्ग ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयघोष से गूंजते रहे।



