मरम्मत के दौरान गिरा ‘खतरनाक’ घोषित भवन, 2-3 लोग अब भी दबे
ठाणे। महाराष्ट्र के भिवंडी में चार मंजिला इमारत ढहने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई तथा दो से तीन लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि पावरलूम नगरी भिवंडी में बालाजी नगर क्षेत्र स्थित कोहिनूर बिल्डिंग का एक हिस्सा बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े 11 बजे ढह गया। नगर निकाय अधिकारियों ने इस इमारत को खतरनाक घोषित किया था और परिसर में मरम्मत का काम चल रहा था। भिवंडी के उपमंडलीय अधिकारी अमित सनाप ने बताया कि हादसे में चार लोग घायल हुए हैं, जबकि दो से तीन लोगों के अब भी चार मंजिÞला इमारत के मलबे में दबे होने की आशंका है।

महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने कहा, भिवंडी में इमारत ढहने की घटना में नौ लोगों की मौत हो चुकी है। घटनास्थल पर तलाशी और बचाव अभियान जारी है। महाजन ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शहरी विकास विभाग को भिवंडी में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध कब्जों की समस्या पर ध्यान देना चाहिए। मंत्री ने सवाल उठाया कि भिवंडी में ऐसी कितनी अनधिकृत इमारतों को अनुमति मिली है। उन्होंने दावा किया, लोग बहुत तंग हालात में रह रहे हैं। कई इमारतें बिना मंजूरी या अनुमति के बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि भिवंडी में मारे गए लोगों के परिजनों को राज्य सरकार के नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता मिलेगी। मलबे में फंसे लोगों को खोजने के लिए जहां एक ओर जेसीबी मशीनें कंक्रीट के बड़े-बड़े टुकड़ों को हटाने में जुटी थीं, वहीं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के जवान टॉर्च की रोशनी में मलबे की बेहद संकरी दरारों के बीच जीवित लोगों की तलाश कर रहे थे। इस बीच, इमारत के निवासी और स्थानीय लोग गहरे शोक में डूबे रहे।

इस हादसे में बची एक महिला ने अपने आंसुओं पर काबू पाने की कोशिश करते हुए उसे मौत के मुंह से बचाने के लिए ईश्वर का धन्यवाद दिया। उसने बताया कि वह मिट्टी और कीचड़ में दबी हुई थी और उससे कुछ ही फुट की दूरी पर उसके माता-पिता उसका नाम पुकारते हुए रो-रोकर आवाज लगा रहे थे। उसने कहा, मैं भी पूरी ताकत से चिल्ला रही थी, लेकिन मलबे ने मेरी आवाज को निगल लिया। मेरी आवाज उन तक नहीं पहुंच सकी। मैं कई घंटों तक उस कीचड़ में दबी रही, तब जाकर बचाव दल ने मुझे जीवित बाहर निकाला। महिला का आरोप है कि निवासियों की बार-बार चेतावनी के बावजूद इमारत की मरम्मत सही तरीके से नहीं की जा रही थी। उसने कहा, हमने उन्हें चेताया था कि इस तरह मरम्मत न करें, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं मानी और आखिरकार यह भयावह हादसा हो गया। एक अन्य महिला अपने बच्चे को सीने से लगाए अविश्वास की स्थिति में उस जगह को देख रही थी, जहां कभी उसका दूसरी मंजिल पर बना घर हुआ करता था। उसने कहा, मैं, मेरे पति और हमारी दो बेटियां दूसरी मंजिल पर रहते थे। जब हमारे हिस्से की इमारत में दरारें पड़ने लगीं, तो सामने रहने वाले पड़ोसी ने हमें अपने घर में आने के लिए कहा। उसी एक पल में लिया गया फैसला हमारी जान बचा गया। नहीं तो हम भी इस कंक्रीट के पहाड़ के नीचे जिंदा दफन हो गए होते। हमने सब कुछ खो दिया है- अपना घर, अपना सामान हमारी पूरी जिंदगी उजड़ गई।

इस हादसे में कई परिवारों के पास अब तन पर पहने कपड़ों के अलावा कुछ भी नहीं बचा है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक मृतकों में से पांच लोगों की पहचान शमीम शेख (32), रंजीत सिंह (45), मिराज रसूल शेख (34), संतोष कुमार पांडे (42) और शमीम अंसारी (30) के रूप में हुई है। एक अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे स्थानीय लोगों ने इमारत से तेज दरार पड़ने जैसी आवाजें सुनीं। खतरे को भांपते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद की लेकिन जब कुछ निवासी बाहर निकल ही रहे थे, तभी इमारत की बी विंग अचानक भरभराकर ढह गई।
मौके पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ठाणे आपदा मोचन बल और स्थानीय अग्निशमन विभाग की टीमों द्वारा संयुक्त रूप से व्यापक बचाव अभियान चलाया जा रहा है। बचाव कार्य में श्वान दस्ता, चार दमकल वाहन, दो एंबुलेंस और मलबा हटाने वाली भारी मशीनें तैनात की गई हैं। भिवंडी के महापौर नारायण चौधरी ने नागरिकों से अपील की कि वे खतरनाक घोषित इमारतों को तुरंत खाली कर दें, ताकि आगे और जानमाल का नुकसान रोका जा सके। उन्होंने कहा, इस समय भिवंडी में कम से कम 130 से 140 ऐसी इमारतें हैं, जिन्हें ‘अत्यंत खतरनाक’ घोषित किया गया है और जिन्हें तत्काल खाली कराना आवश्यक है। मैं सभी निवासियों से आग्रह करता हूं कि वे अपनी जान बचाने के लिए तुरंत इन इमारतों से बाहर निकल जाएं। महापौर ने बचाए गए परिवारों के लिए स्कूलों और सार्वजनिक सामुदायिक भवनों को अस्थायी राहत शिविर के रूप में उपलब्ध कराने की भी पेशकश की। उन्होंने दावा किया कि बृहस्पतिवार रात जब इमारत में दरारें पड़नी शुरू हुईं, तो नगर निकाय के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और करीब 150 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रहे। हालांकि, उनके अनुसार 10 से 12 निवासी इमारत के भीतर फंसे रह गए थे।
पीएम मोदी ने हादसे पर जताया शोक, परिजनों के लिए अनुग्रह राशि की घोषणा की
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के भिवंडी में एक इमारत ढहने से हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया और प्रत्येक मृतक के परिजन को दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। ठाणे जिले के भिवंडी में बृहस्पतिवार रात चार मंजिला इमारत ढहने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट किया, महाराष्ट्र के ठाणे में एक इमारत ढहने से लोगों की मौत की खबर से बेहद दुख हुआ है। इस दुखद घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि प्रत्येक घायल को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।











