एलपीजी गैस बॉटलिंग प्लांट में तीसरे दिन भी ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल जारी

पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। सरोजनीनगर के अमौसी स्थित इंडियन ऑयल एलपीजी गैस बॉटलिंग प्लांट में गुरुवार को लगातार तीसरे दिन भी ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल जारी रही। ट्रांसपोर्टरों ने अपने ट्रकों का चक्का जाम कर सिलेंडरों की उठान नहीं की। इसके चलते लखनऊ की सभी 80 इंडेन गैस एजेंसियों सहित बाराबंकी की कुछ एजेंसियों पर भी सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित रही। लगातार तीन दिनों से उठान बंद होने के कारण शहर में एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत बढ़ने लगी है। वहीं उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हालाकि हड़ताल समाप्त कराने के लिए गुरुवार को इंडियन ऑयल कंपनी के अधिकारियों ने गोमतीनगर स्थित स्टेट ऑफिस में सुबह 11 बजे ट्रांसपोर्टरों के साथ बैठक का समय निर्धारित किया था। लेकिन ट्रांसपोर्टरों ने वहां जाने के बजाय अमौसी गैस प्लांट में ही बैठक करने की मांग रखी। इस पर अधिकारियों ने दोपहर तीन बजे प्लांट में बैठक कर समस्या का समाधान निकालने का आश्वासन दिया। पर इसके बावजूद तय समय पर कंपनी का कोई अधिकारी प्लांट नहीं पहुंचा। जिसके कारण बैठक के लिए पहुंचे ट्रांसपोर्टर काफी देर इंतजार करने के बाद नाराज होकर वापस लौट गए।
इससे उनमें कंपनी अधिकारियों के प्रति आक्रोश है। ट्रांसपोर्टर राजू यादव, योगेश सिंह, अतुल यादव और प्रवीन यादव ने बताया कि वर्ष 2023 में हुए टेंडर के दौरान इंडियन ऑयल कंपनी ने लखनऊ सहित बाराबंकी, फैजाबाद, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और सीतापुर की कुल 192 गैस एजेंसियों तक सिलेंडर पहुंचाने का काम देने का आश्वासन दिया था। इसी आधार पर ट्रांसपोर्टरों ने बैंक से लोन लेकर करीब 206 ट्रक खरीदे थे। टेंडर के समय प्रति ट्रक करीब 2.45 लाख रुपए प्रतिमाह का काम मिलने की बात कही गई थी।
आरोप है कि करीब एक साल पहले 192 एजेंसियों के बजाय बाराबंकी की कुछ एजेंसियों सहित लखनऊ की 80 एजेंसियों तक ही आपूर्ति का काम सीमित कर दिया गया। इससे ट्रांसपोर्टरों की मासिक कमाई घटकर 80 से 90 हजार रुपए रह गई। ऐसे में ट्रकों की किस्त, चालकों का वेतन, डीजल और लोडिंग-अनलोडिंग का खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। कई बार अधिकारियों को पत्र देने और हड़ताल करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सभी 192 एजेंसियों तक सिलेंडर पहुंचाने का काम बहाल नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। गुरुवार को भी सभी ट्रक प्लांट के बाहर खड़े रहे और सिलेंडरों की उठान पूरी तरह बंद रही।



