अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और चोरी के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। अयोध्या में राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) निष्पक्ष तरीके से काम करेगा और सच्चाई सामने लाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस मामले से जुड़े ठोस दस्तावेजी या अन्य प्रमाण हैं, तो उन्हें सीधे SIT को उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी और “दूध का दूध, पानी का पानी” कर दिया जाएगा।
SIT जांच पर जताया भरोसा
सीएम योगी ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने SIT का गठन किया है। यह टीम पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी और तथ्य सामने रखेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अफवाहों, आरोपों और अनर्गल टिप्पणियों से बचें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली बयानबाजी से बचना चाहिए। यदि किसी को कोई शिकायत या सबूत प्रस्तुत करना है तो वह उचित माध्यम से SIT तक पहुंचाए। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी पक्ष को अपनी बात रखनी होगी तो उसके लिए भी अवसर उपलब्ध रहेगा।
‘अपराधी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा’
मुख्यमंत्री ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा, “अपराधी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि बिना जांच पूरी हुए किसी का चरित्र हनन करना उचित नहीं है। कानून को अपना काम करने दिया जाना चाहिए और अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।
अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश का आरोप
सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोग अयोध्या की बढ़ती प्रतिष्ठा और विकास को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उनके अनुसार, ऐसे तत्व लगातार रामनगरी की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने राम भक्तों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के भ्रामक प्रचार या दुष्प्रचार के बहकावे में न आएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में अयोध्या का व्यापक विकास हुआ है और यह नई अयोध्या देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रही है। ऐसे में किसी भी विवाद को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने से बचना चाहिए।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो दल पहले राम मंदिर आंदोलन और रामभक्तों का विरोध करते थे, वे आज रामभक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि जनता सब कुछ देख रही है।
मुख्यमंत्री ने अंत में सभी श्रद्धालुओं और नागरिकों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि SIT को अपना काम करने दिया जाए। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी और किसी भी प्रकार की आशंका या भ्रम की स्थिति समाप्त हो जाएगी।










