जनता दर्शन में सीएम योगी का सख्त संदेश, दूसरी बार फरियाद आई तो तय होगी अफसरों की जवाबदेही

लखनऊ, 5 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को जनता दर्शन में दूर-दराज से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार का ध्येय केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि पीड़ित व्यक्ति को संतुष्टिपूर्ण न्याय दिलाना है। यदि कोई व्यक्ति अपनी वास्तविक समस्या लेकर दूसरी बार जनता दर्शन में पहुंचता है और यह सामने आता है कि पहली शिकायत का समय से निस्तारण नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी पीड़ित को अपनी उचित समस्या के समाधान के लिए बार-बार अधिकारियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक वास्तविक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और निर्धारित समयसीमा के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।
हर फरियादी से मिले मुख्यमंत्री
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं लोगों के बीच पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं। कुर्सियों पर बैठे फरियादियों के पास जाकर मुख्यमंत्री ने उनकी शिकायतों और परेशानियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि फरियादियों की शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए। किसी भी वास्तविक समस्या को लंबित रखने या उसके निस्तारण में अनावश्यक देरी को गंभीरता से लिया जाए।उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था का उद्देश्य आम नागरिक को राहत पहुंचाना है। यदि कोई पीड़ित अपनी समस्या लेकर शासन तक पहुंच रहा है और समस्या वास्तविक होने के बावजूद उसका समाधान नहीं हो पा रहा है, तो यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है।
समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों की नियमित निगरानी की जाए। शिकायतकर्ता को केवल आश्वासन देने के बजाय संबंधित विभागों से समन्वय कर वास्तविक समाधान कराया जाए।उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आम जनता को न्याय और प्रशासनिक सेवाएं आसानी से उपलब्ध हों। इसके लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना होगा।मुख्यमंत्री का यह निर्देश ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब जनता दर्शन के माध्यम से बड़ी संख्या में लोग स्थानीय प्रशासन से जुड़ी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। जमीन, पुलिस, राजस्व और अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतों के समाधान में समयबद्धता पर सरकार लगातार जोर दे रही है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि यदि किसी व्यक्ति की समस्या वास्तविक है और उसके समाधान में अनावश्यक देरी हुई है, तो इसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि पीड़ित को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।
सीएम योगी ने कहा कि पीड़ित की संतुष्टि ही सरकार का ध्येय है। प्रशासनिक अधिकारी इस भावना के साथ कार्य करें कि जनता की समस्या का समाधान करना उनकी जिम्मेदारी है। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश से अधिकारियों को यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और अनावश्यक देरी पर जवाबदेही तय की जाएगी।



