बारिश बनी काल, दीवार गिरने से पति-पत्नी और 5 साल के मासूम की मौत

- माँ के सीने से लिपटा मिला मासूम, नीमगांव क्षेत्र के रहमतपुर में दिल दहला देने वाला हादसा, एसडीएम ने दिया मदद का भरोसा
- खीरी में दो दिन की बारिश ने उजाड़ा परिवार, कच्ची दीवार के नीचे दबकर तीन की दर्दनाक मौत
पायनियर संवाददाता।गोला गोकर्णनाथ/ नीमगांव-खीरी
जनपद में दो दिन से हो रही लगातार बारिश ने एक हंसता-खेलता परिवार उजाड़ दिया। मितौली तहसील के थाना नीमगांव अंतर्गत सिकंदराबाद चौकी क्षेत्र के गांव रहमतपुर में शुक्रवार रात कच्ची दीवार और फूस का छप्पर गिरने से पति-पत्नी और उनके 5 वर्षीय बेटे की दबकर दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे का मंजर इतना हृदयविदारक था कि मौके पर मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। मां अपने मासूम को सीने से लगाए मृत पड़ी थी।
जानकारी के अनुसार, रहमतपुर निवासी मोहनलाल (60), उनकी पत्नी कविता (58) और 5 वर्षीय बेटा अनिल कच्ची दीवार के सहारे बने फूस के छप्पर के नीचे सो रहे थे। रात में लगातार हो रही बारिश के कारण दीवार भरभरा कर छप्पर सहित उन पर गिर गई, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
शनिवार सुबह पड़ोसियों ने घर का मंजर देखा तो सन्न रह गए। ग्रामीणों ने बारिश के बीच ही मलबा हटाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सूचना पर थानाध्यक्ष नीमगांव प्रवीर गौतम, राजस्व लेखपाल और मितौली एसडीएम शंखदास पंवार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तीनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।
बताया जा रहा है कि परिवार बेहद गरीबी में जीवन यापन कर रहा था। सरकारी आवास मिला था, लेकिन घर की रखवाली के चलते सभी छप्पर के नीचे सो रहे थे। मोहनलाल अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनका बड़ा बेटा संदीप (10 वर्ष) घटना के समय ननिहाल में था, जिससे उसकी जान बच गई।
एसडीएम मितौली शंखदास पंवार ने बताया कि घटना अत्यंत हृदयविदारक है। पीड़ित परिवार को दैवीय आपदा राहत कोष से अनुमन्य सहायता राशि दिलाई जाएगी।



