अस्पताल की इमरजेंसी में मरीज की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। पीजीआई अस्पताल की इमरजेंसी में मरीज की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि मरीज करीब चार घंटे तक इमरजेंसी में रहा, लेकिन उसे समय पर इलाज नहीं मिला। मौत के बाद शव को एंबुलेंस में रखते समय उसका सिर फट गया। आरोप है कि इसके बाद इमरजेंसी के कर्मचारी शव को वहीं छोड़कर चले गए। शव काफी देर तक एंबुलेंस के बाहर नीचे पड़ा रहा और सिर से खून बहता रहा। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक की पहचान विजय वर्मा (58), पुत्र स्वर्गीय कामता प्रसाद वर्मा के रूप में हुई है।
विजय सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र के सेलेब्रिटी मीडोज अपार्टमेंट में रहते थे। परिजनों के मुताबिक, विजय की सोमवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उन्हें पीजीआई अस्पताल के इमेरजेंसी में लेकर आए। डॉक्टरों ने एंबुलेंस में ही जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।परिजनों का आरोप है कि करीब चार घंटे तक उन्हें उचित इलाज नहीं मिला। इसी दौरान उनकी मौत हो गई। मौत के बाद शव को शव गृह ले जाने के लिए एंबुलेंस में रखने के दौरान सिर फटने की बात परिजनों ने बताई।विजय एक निजी कंपनी में फूड प्रोडक्शन मैनेजर थे और उन्नाव के अकरमपुर में कार्यरत थे।
परिजनों के मुताबिक, विजय की पत्नी का करीब तीन साल पहले निधन हो चुका था। उनका 10 साल का बेटा है। विजय की तीन बहनें हैं और तीनों की शादी हो चुकी है। तीनों बहनें बारी-बारी से भाई के पास आकर रहती थीं।सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। फिलहाल इलाज में देरी और शव के साथ हुई स्थिति को लेकर परिजनों के आरोप सामने आए हैं।
परिजनों का कहना है कि शव को एंबुलेंस में रखते समय कर्मचारियों से बॉडी नीचे गिर गई, जिससे विजय वर्मा के सिर में चोट लगी और सिर फट गया।परिजनों की मांग है कि अस्पताल प्रशासन इस घटना की पूरी जानकारी लिखित रूप में दे। उनका कहना है कि अस्पताल प्रशासन की ओर से लिखित में दिए जाने के बाद ही वे शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार होंगे।



