-अखिल भारत हिंदू महासभा और अंतर्राष्ट्रीय संत महासभा की संयुक्त घोषणा में 27 अक्टूबर को मथुरा पहुंचने का कार्यक्रम घोषित
-संत समाज और हिन्दू संगठनों को जोड़ने की तैयारी
मुजफ्फरनगर। अखिल भारत हिंदू महासभा एवं अंतर्राष्ट्रीय संत महासभा के पदाधिकारियों ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर आंदोलन की घोषणा की। संयुक्त प्रेस वार्ता में पदाधिकारियों ने कहा कि श्री कृष्ण जन्म भूमि को लेकर व्यापक जन जागरण अभियान चलाया जाएगा और इसके लिए उत्तर प्रदेश से लेकर देश भर के सनातन समाज को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय संत महासभा के मुख्य संरक्षक एवं अखिल भारत हिंदू महासभा उच्चाधिकारी समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिंदू पीठाधीश्वर आचार्य मदन जी महाराज तथा संत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामंडलेश्वर हर मनोज दास ने संयुक्त बयान में कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि के संबंध में श्रीराम जन्मभूमि की तरह आंदोलन की आवश्यकता है। उन्होंने श्री कृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए कारसेवा अभियान शुरू करने की घोषणा की। पदाधिकारियों ने कहा कि प्रस्तावित अभियान में सबसे पहले उत्तर प्रदेश के लोगों को जोड़ा जाएगा। इसके बाद देश भर के सनातन समाज को अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण जन्म भूमि से जुड़े विवाद का समाधान न्यायिक और आंदोलनात्मक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए संगठन लगातार प्रयास करेगा। अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष योगेंद्र वर्मा और उत्तर भारत अध्यक्ष चिराग सिंह ने पत्रकारों को बताया कि अक्टूबर 2026 में मुजफ्फरनगर से मथुरा तक हिन्दू जन जागरण यात्रा आयोजित की जाएगी। प्रस्तावित यात्रा मुजफ्फरनगर से शुरू होकर मेरठ, बुलंदशहर और अलीगढ़ होते हुए मथुरा पहुंचेगी। पदाधिकारियों के अनुसार 27 अक्टूबर को अखिल भारत हिंदू महासभा और अंतर्राष्ट्रीय संत महासभा के पदाधिकारी मथुरा पहुंचकर श्री कृष्ण जन्म भूमि मंदिर के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर संत समाज और विभिन्न संगठनों के साथ बैठक का कार्यक्रम रखा गया है। हिंदू पीठाधीश्वर आचार्य मदन जी महाराज ने बताया कि 27 अक्टूबर को मथुरा पहुंचने के बाद श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति और न्यायालय में हिंदू पक्ष की स्थिति को लेकर मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल और गोवर्धन क्षेत्र के वैष्णव आचार्यों एवं साधु-संतों के साथ बैठक की जाएगी। उनके मुताबिक बैठक में संत समाज के प्रतिनिधियों के साथ न्यायालय में हिंदू पक्ष से जुड़े याचिकाकर्ताओं को भी शामिल किया जाएगा। प्रेसवार्ता में बताया गया कि बैठक के दौरान आंदोलन की आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही अभियान को अखिल भारतीय स्तर पर सक्रिय करने के लिए रूपरेखा तैयार किए जाने की बात कही गई। संत महासभा के पदाधिकारियों ने आंदोलन में संत समाज की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। महामंडलेश्वर हर मनोज दास ने आंदोलन को लेकर कहा कि अब व्यापक स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “याचना नहीं अब रण होगा, संग्राम बड़ा भीषण होगा।” उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर से प्रस्तावित यात्रा का उद्देश्य लोगों को श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े विवाद के प्रति जागरूक करना और हिन्दू संगठनों के साथ मिलकर आगे की रणनीति तय करना है। संयुक्त प्रेसवार्ता में अखिल भारत हिंदू महासभा उच्चाधिकारी समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अंतर्राष्ट्रीय संत महासभा के अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक आचार्य मदन जी महाराज, पेरकर्षन महाराज, राष्ट्रीय अध्यक्ष महामंडलेश्वर मनोज हरदास, योगेंद्र वर्मा, चिराग सिंह, विवाह आचार्य अजय कृष्ण, अमरीश त्यागी, साक्षी वर्मा, युग ठाकुर, अरुण चौधरी, एडवोकेट बृज भूषण शर्मा, सोना सिंह, धर्मेश कुमार, सचिन कुमार, मनोज कुमार, संदीप मित्तल और युवा जिलाध्यक्ष अभिषेक सैनी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।