पायनियर समाचार सेवा। फरीदाबाद
राजीव गांधी कैंसर संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र के रोहिणी केंद्र में विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर ‘वॉरियर्स मीट 4.0’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कैंसर से उबर चुके मरीजों, चिकित्सकों और फिजियोथेरेपिस्ट ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने कैंसर उपचार के दौरान और बाद में शारीरिक सक्रियता तथा पुनर्वास के महत्व पर चर्चा की।
राजीव गांधी कैंसर संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र के रोहिणी केंद्र में विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर ‘वॉरियर्स मीट 4.0’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कैंसर से उबर चुके मरीजों, चिकित्सकों और फिजियोथेरेपिस्ट ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने कैंसर उपचार के दौरान और बाद में शारीरिक सक्रियता तथा पुनर्वास के महत्व पर चर्चा की।
संस्थान के सीईओ डॉ. डी.एस. गंगवार ने कहा कि कैंसर देखभाल केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज की ताकत, चलने-फिरने की क्षमता, आत्मविश्वास और स्वतंत्रता लौटाना भी जरूरी है। मेडिकल डायरेक्टर डॉ. विनीत तलवार ने कहा कि उपचार के बेहतर परिणामों के साथ मरीजों को सामान्य जीवन में लौटने में मदद करना भी चिकित्सकों की जिम्मेदारी है।
पैनल चर्चा में डॉ. गौरी कपूर, डॉ. राजीव चावला, डॉ. आई.सी. प्रेमसागर, डॉ. पंकज गोयल सहित विशेषज्ञों ने विचार रखे। डॉ. नवनीत सिंह ने मरीजों की पुनर्वास यात्रा पर प्रस्तुति दी। मरीजों ने अपनी अनुभव साझा किए। लिंफेडेमा मापन, पैर के दबाव और संतुलन का आकलन भी किया गया।