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‘आखिर कब तक चुप रहतीं’, प्रताड़ना के आरोपों पर बोलीं मंत्री रेखा आर्य

‘आखिर कब तक चुप रहतीं’, प्रताड़ना के आरोपों पर बोलीं मंत्री रेखा आर्य

  • घरेलू हिंसा के खिलाफ महिलाओं से आवाज उठाने की अपील
  • कहा आत्मसम्मान और बच्चों की सुरक्षा के लिए चुप्पी तोड़ना जरूरी

देहरादून। स्वास्थ्य में सुधार के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपने व्यक्तिगत जीवन से जुड़े विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं, वे सत्य हैं। साथ ही, उन्होंने अपने पति की ओर से लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए दावा किया कि वह लंबे समय से प्रताड़ना झेल रही थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कब तक चुप रहतीं। इसी वजह से उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़कर अपनी बात पूरे प्रदेश के सामने रखने का निर्णय लिया। मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि उनका यह कदम केवल उनके अपने लिए नहीं, बल्कि उन तमाम महिलाओं के लिए भी है, जो घरेलू हिंसा और प्रताड़ना का सामना करने के बावजूद परिवार, सामाजिक प्रतिष्ठा और समाज के डर से अपनी आवाज नहीं उठा पातीं। उन्होंने कहा कि महिला चाहे सामान्य परिवार से हो या किसी बड़े पद पर आसीन हो, यदि उसके साथ घरेलू हिंसा होती है तो उसे चुप रहने के बजाय अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि वह तीन बार विधायक और दो बार कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपने निजी जीवन से जुड़ी इस घटना को सार्वजनिक करने का फैसला लिया, क्योंकि उनके लिए आत्मसम्मान, अपने बच्चों की सुरक्षा और अपने अधिकारों की रक्षा महत्वपूर्ण है। रेखा आर्य ने कहा कि इस मामले को सार्वजनिक करने के बाद उनके व्यक्तिगत जीवन को लेकर कई तरह की टिप्पणियां हो सकती हैं। कुछ लोग उनके फैसले को सही ठहराएंगे, जबकि कुछ लोग उनकी आलोचना भी करेंगे। हालांकि, उन्होंने इन संभावित प्रतिक्रियाओं की परवाह किए बिना अपनी बात सबके सामने रखने का निर्णय लिया। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे घरों में होने वाले अत्याचारों को सहते रहने के बजाय उनके खिलाफ आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं अपने साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ बोलेंगी और दोषियों को उनके कृत्यों का परिणाम भुगतना पड़ेगा, तभी समाज में वास्तविक बदलाव आएगा। इससे अन्य महिलाओं को भी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने और अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा मिलेगी। मंत्री ने कहा कि उन्हें अपने संस्कारों, अपनी नीयत और अपने काम पर पूरा भरोसा है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस सरकार का वह हिस्सा हैं, वह महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है। रेखा आर्य ने बताया कि जब महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर उनके पास आती हैं, तो वह उन्हें अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की सलाह देती हैं। ऐसे में जब इसी तरह की परिस्थिति उनके अपने जीवन में आई, तो उन्होंने भी अपने विवेक से निर्णय लिया और अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखने का रास्ता चुना।

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