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औद्योगिक नगरी को कैंसर की चपेट से बचाने में जुटा स्वास्थ्य विभाग

-एनसीडी कार्यक्रम के तहत जिला नागरिक अस्पताल में चल रहा कैंसर डे-केयर केंद्र -139 मरीजों को मिल रही 3200 रुपये मासिक पेंशन कविता। फरीदाबाद औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में बढ़ते कैंसर के मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों के उपचार और आर्थिक…

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औद्योगिक नगरी को कैंसर की चपेट से बचाने में जुटा स्वास्थ्य विभाग

-एनसीडी कार्यक्रम के तहत जिला नागरिक अस्पताल में चल रहा कैंसर डे-केयर केंद्र
-139 मरीजों को मिल रही 3200 रुपये मासिक पेंशन

कविता। फरीदाबाद
औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में बढ़ते कैंसर के मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों के उपचार और आर्थिक सहायता पर जोर दिया है। एनसीडी कार्यक्रम के तहत जिला नागरिक अस्पताल में कैंसर मरीजों के लिए डे-केयर केंद्र संचालित किया जा रहा है। अब तक 139 कैंसर मरीजों को 3200 रुपये मासिक पेंशन का लाभ मिल रहा है। यह पेंशन मुख्य रूप से कैंसर की तीसरी और चौथी अवस्था के मरीजों को दी जाती है।
एनसीडी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. मनोज बजाज ने बताया कि बीके नागरिक अस्पताल की दूसरी मंजिल पर कैंसर डे-केयर केंद्र चल रहा है। यहां कैंसर विशेषज्ञ डॉ. दिनेश रंगा और डेडिकेटेड नर्सिंग अधिकारी रेनू की तैनाती की गई है। केंद्र में कैंसर मरीजों को उपचार से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्तमान में 14 मरीजों का कीमोथेरेपी उपचार चल रहा है, जबकि एक मरीज का नियमित अनुवर्ती उपचार किया जा रहा है।

सरकार से आर्थिक सहारा:
डॉ. मनोज बजाज ने बताया कि कैंसर की तीसरी और चौथी अवस्था के पात्र मरीजों को सरकार की ओर से 3200 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। पेंशन बनवाने के लिए पात्र मरीज बीके नागरिक अस्पताल के कमरा नंबर 21 में संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये तक तथा आवेदक का कम से कम 15 वर्षों से हरियाणा का निवासी होना आवश्यक है।

एनसीडी पोर्टल पर दर्ज हो रहे मरीज:
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में कैंसर के मरीजों की पहचान और उपचार की निगरानी के लिए एनसीडी पोर्टल पर भी जानकारी दर्ज की जा रही है। अब तक जिले में 168 मरीजों में मुंह के कैंसर, 75 मरीजों में स्तन कैंसर और 23 मरीजों में सर्वाइकल के कैंसर की पुष्टि दर्ज की गई है। विभाग का कहना है कि एनसीडी कार्यक्रम के माध्यम से कैंसर मरीजों की पहचान, उपचार, अनुवर्ती देखभाल और सरकारी सुविधाओं से जोड़ने का काम किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का जोर शुरुआती स्तर पर कैंसर की पहचान के साथ मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर है। डे-केयर केंद्र के माध्यम से मरीजों को उपचार के लिए बड़े अस्पतालों पर निर्भरता कम करने और स्थानीय स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
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