मुख्य सामग्री पर जाएं
हिंदी संस्करण
पायनियर स्वतंत्र · निष्पक्ष · निर्भीक
गुरुग्राम

शिक्षा तभी सार्थक जब वह भारतीय मूल्यों, चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी हो: बी.आर. शंकरानंद

गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में कॉमर्स विभाग ने किया इंडक्शन कार्यक्रम छात्रों को कौशल विकास और उद्यमिता की राह दिखाई गई गुरुग्राम। गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कॉमर्स विभाग द्वारा बुधवार को विश्वविद्यालय के नए परिसर में इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य नए छात्रों…

साझा करें WhatsAppFacebookX
शिक्षा तभी सार्थक जब वह भारतीय मूल्यों, चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी हो: बी.आर. शंकरानंद

गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में कॉमर्स विभाग ने किया इंडक्शन कार्यक्रम

छात्रों को कौशल विकास और उद्यमिता की राह दिखाई गई

गुरुग्राम। गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कॉमर्स विभाग द्वारा बुधवार को विश्वविद्यालय के नए परिसर में इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य नए छात्रों को विश्वविद्यालय, विभाग और व्यावसायिक दुनिया से परिचित कराना था। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

कुलपति प्रो. संजय कौशिक की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय संगठन मंत्री भारतीय शिक्षण मंडल बी.आर. शंकरानंद, विशिष्ट अतिथि बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड के अतिरिक्त उपाध्यक्ष नागेंद्र शेखर और जिलियन सॉल्यूशंस, टोरंटो की निदेशक अंशुमा विजय पहुंचे। अपने संबोधन में बी.आर. शंकरानंद ने कहा कि यह इंडक्शन प्रोग्राम केवल औपचारिक स्वागत नहीं, बल्कि छात्रों के जीवन में एक नई दिशा का आरंभ है। शिक्षा तभी सार्थक होती है जब वह भारतीय मूल्यों, चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी हो।

कुलपति डॉ संजय कौशिक ने कहा कि कॉमर्स के क्षेत्र में सफलता केवल अंकों या डिग्री से नहीं आती, बल्कि ईमानदारी, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी से आती है। छात्र ज्ञान के साथ-साथ संस्कारों को भी अपनाएं और भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में अपना योगदान दें। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. संजय अरोड़ा, डीन अकादमिक अफेयर्स डॉ. अमरजीत कौर, कॉमर्स चेयरपर्सन डॉ. सीमा महलावत ने भी अपने विचार रखे।