कविता। फरीदाबाद
जिले में छिपे हुए कुष्ठ रोगियों की पहचान और उनका समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए 1 सितंबर से 14 सितंबर 2026 तक कुष्ठ रोगी खोजी अभियान चलाया जाएगा। अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी एमओ और एसएमओ अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. हरजिंदर सिंह, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. राजेश श्योकंद और डॉ. एमपी सिंह ने की। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. हरजिंदर सिंह, डॉ. राजेश श्योकंद, डॉ. एमपी सिंह, डॉ. हरीश आर्य सहित विभिन्न संस्थानों से आए वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी और चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा डीआर-टीबी-एचआईवी कोऑर्डिनेटर सुभाष गहलोत, साधना कोऑर्डिनेटर वीरेंद्र, दिनेश, राजेश शर्मा, धर्मवीर शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
बैठक में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. हरजिंदर सिंह ने अधिकारियों को कुष्ठ रोग के लक्षणों और अभियान की कार्ययोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के शरीर पर ऐसा दाग-धब्बा है, जिसमें सुन्नपन महसूस होता है, तो वह कुष्ठ रोग का लक्षण हो सकता है। ऐसे मामलों में व्यक्ति को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए।
1500 टीमें: डॉ. हरजिंदर सिंह ने बताया कि कुष्ठ रोगी खोजी अभियान के लिए जिले में 1500 टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें घर-घर जाकर लोगों की जांच करेंगी और संभावित कुष्ठ रोगियों की पहचान करेंगी। इन टीमों की निगरानी के लिए करीब 300 सुपरवाइजर नियुक्त किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में ऐसे कुष्ठ रोगियों की पहचान करना है, जो अभी तक स्वास्थ्य विभाग की नजर में नहीं आए हैं। संभावित मरीजों की जांच के बाद उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
नि:शुल्क होता है इलाज: स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कुष्ठ रोग का पूर्ण इलाज संभव है। मरीजों का उपचार एमडीटी (मल्टी ड्रग थेरेपी) के माध्यम से किया जाता है और यह दवा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती है। लोगों से अपील की गई कि शरीर पर सुन्नपन वाले दाग-धब्बे दिखाई देने पर बीमारी को छिपाने के बजाय तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।
अभी 65 मरीज ले रहे हैं उपचार: डॉ. हरजिंदर सिंह के अनुसार, वर्तमान में जिले में 65 कुष्ठ रोगी उपचार ले रहे हैं। वर्ष 2025-26 के दौरान जिले में 64 नए कुष्ठ रोगियों की पुष्टि हुई थी, जबकि वर्ष 2026-27 में अब तक 21 नए मरीज सामने आ चुके हैं।