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सीमा पार कैसीनो की चकाचौंध, यहां हारता सिर्फ खिलाड़ी नहीं, एक पूरा परिवार

महराजगंज। नेपाल में भैरहवा से बुटवल तक 22 से अधिक कैसीनो संचालित हैं, जिन्हें नेपाल सरकार ने पर्यटन श्रेणी में शामिल किया है। विडंबना यह है कि इन कैसीनो में नेपाली नागरिकों का प्रवेश प्रतिबंधित है, जबकि भारतीय ग्राहकों के स्वागत के…

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सीमा पार कैसीनो की चकाचौंध, यहां हारता सिर्फ खिलाड़ी नहीं, एक पूरा परिवार

महराजगंज। नेपाल में भैरहवा से बुटवल तक 22 से अधिक कैसीनो संचालित हैं, जिन्हें नेपाल सरकार ने पर्यटन श्रेणी में शामिल किया है। विडंबना यह है कि इन कैसीनो में नेपाली नागरिकों का प्रवेश प्रतिबंधित है, जबकि भारतीय ग्राहकों के स्वागत के लिए पूरा इंतजाम रहता है। सोनौली सीमा से करीब पांच किलोमीटर आगे शुरू होने वाली कैसीनो की दुनिया की चमक-दमक कई भारतीय युवाओं को अपनी ओर खींच रही है।कैसीनो में शराब, मनोरंजन और बड़े दांव का ऐसा माहौल तैयार किया जाता है कि पहली बार पहुंचने वाला व्यक्ति इसे महज मनोरंजन समझ सकता है। लेकिन जुए की लत लगने के बाद यही चमक परिवार की जमा-पूंजी पर भारी पड़ने लगती है। स्थानीय स्तर पर ऐसे कई मामलों की चर्चा है, जहां युवा पहले शौक में कैसीनो पहुंचे और बाद में कर्ज लेकर जुआ खेलने लगे। हार की भरपाई के चक्कर में दांव बढ़ता गया और कर्ज भी।कैसीनो में हारने वाला अक्सर अगली बाजी में सब कुछ वापस पाने की उम्मीद करता है। यही उम्मीद धीरे-धीरे उसे कर्ज के ऐसे जाल में ले जाती है, जहां लौटने का रास्ता मुश्किल हो जाता है। परिवार की बचत,जमीन-जायदाद और कारोबार तक दांव पर लगने के बाद तनाव बढ़ने लगता है। कुछ मामलों में युवाओं के आत्महत्या जैसे घातक कदम उठाने की बात भी सामने आई है।सीम पार कैसीनो की चकाचौंध पर सवाल इसलिए भी जरूरी हैं कि जुए का असर केवल खिलाड़ी तक सीमित नहीं रहता। एक व्यक्ति की लत पूरे परिवार की खुशियां और भविष्य निगल सकती है। जिस खेल को मनोरंजन की रंगीन रोशनी में पेश किया जाता है, उसके पीछे कई परिवारों के लिए अंधेरा छिपा हो सकता है।

सीमा पार करते ही कैसीनो एजेंटों की निगाह, लुभाते हैं बड़े जुआरी

नेपाल के कैसीनो में भारतीय ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए सीमा पार करते ही एजेंट सक्रिय हो जाते हैं। पांच से 10 लाख रुपये तक दांव लगाने वाले जुआरियों को लुभाने के लिए आने-जाने का खर्च, मुफ्त शराब, डिनर और डांस जैसी सुविधाओं का प्रलोभन दिए जाने की बात सामने आई है। कुछ कैसीनो में प्रवेश निशुल्क है, जबकि कहीं दो से पांच हजार रुपये तक शुल्क लिया जाता है। प्रवेश के दौरान आधार कार्ड की प्रति भी लिए जाने की जानकारी है। कैसीनो में भारतीय रुपये को चिप्स में बदला जाता है। नकदी नहीं होने पर ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।

भारत-नेपाल सीमा पर करीब 400 कैसीनो खुले

1800 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा के पार नेपाल में करीब 400 कैसीनो संचालित होने का दावा किया जा रहा है। स्थानीय लोकल इंटेलिजेंस के अनुसार, कुछ कैसीनो में हवाला और करेंसी हेराफेरी की गतिविधियों की आशंका भी जताई गई है। चिप्स के जरिए काले धन को सफेद करने की बात भी सामने आई है। उद्योग व वाणिज्य संघ नेपाल के रजत पोखरेल के मुताबिक, होटल और कैसीनो से नेपाल सरकार को प्रतिदिन करीब 10 करोड़ भारतीय रुपये की आय होती है। नई पर्यटन नीति के तहत कम से कम तीन सितारा होटल ही कैसीनो संचालित कर सकते हैं। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ी है।

कैसीनो की लत ने उजाड़े परिवार

नौतनवां थाना क्षेत्र में कैसीनो की लत और आर्थिक तंगी ने दो युवकों की जिंदगी तबाह कर दी। तीन माह पहले एक युवा व्यापारी ने कर्ज के बोझ और नशे की हालत में आत्महत्या कर ली। बताया जाता है कि कैसीनो में लाखों-करोड़ों रुपये गंवाने के बाद वह कर्जदार हो गया था। वहीं परसामलिक थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने भी जुए की लत में अपनी खेती तक गंवा दी और तनाव में आत्महत्या कर ली। महराजगंज शहर में भी कईयो को ऐसा लत लगा की घर व खेत के साथ अच्छी खासी व्यापार भी चौपट की कगार पर आ गई।इन घटनाओं के बाद परिवार और अर्जित सम्पत्ति बिखर गए। एसएसबी की 22वीं व 66वीं वाहिनी सीमा क्षेत्र में जुआ, नशा उन्मूलन और अन्य सामाजिक मुद्दों को लेकर जागरूकता अभियान चला रही हैं।

लेखक

Rashmi Singh

रश्मि सिंह मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर हैं और मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राउंड रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन से की तथा समय के साथ देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार चैनलों में कार्य किया। राजनीति, समसामयिक घटनाक्रम, उत्तर प्रदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन जगत की रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण में उन्हें विशेष अनुभव प्राप्त है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता को अपनी पहचान बनाया है।

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