पीलीभीत। करोड़ो रुपये के कथित बैंकिंग फर्जीवाड़े के मामले में अब उच्चस्तरीय जांच की मांग उठने लगी है। मंगलवार को अखिल भारत हिंदू महासभा के जिला अध्यक्ष पंडित पंकज शर्मा ने जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ सीबीआई जांच की मांग की। संगठन ने बैंकिंग लेनदेन, ऋण सीमा स्वीकृति और कथित अनियमितताओं की गहनता से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामला पंजाब एंड सिंध बैंक की टनकपुर बाईपास रोड शाखा से जुड़े करीब 4.15 करोड़ रुपये के कथित गबन और इंडियन बैंक की गांधी स्टेडियम रोड शाखा से जुड़े करीब 19 करोड़ रुपये की सीसी लिमिट के कथित फर्जी तरीके से स्वीकृत किए जाने के आरोपों से संबंधित है। दोनों मामलों में न्यायालय के आदेश पर सुनगढ़ी थाने में मुकदमे दर्ज हैं।
शिकायतकर्ता मोहम्मद जीशान की अमरिया क्षेत्र स्थित उजैफा एग्रोटेक राइस मिल के प्रोपराइटर हैं। उनका आरोप है कि पंजाब एंड सिंध बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक राधेश्याम प्रभाकर और अन्य कर्मचारियों ने अधिक ऋण सीमा तथा कम ब्याज दर का लालच देकर बैंकिंग दस्तावेज हासिल किए। आरोप है कि व्हाट्सएप के माध्यम से चेकों की तस्वीरें मंगवाकर मई 2025 से जनवरी 2026 के बीच करीब 4.15 करोड़ रुपये निकाल लिए गए।
इसी मामले में इंडियन बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमित वर्मा समेत अन्य अधिकारियों पर करीब 19 करोड़ रुपये की सीसी लिमिट कथित रूप से बिना जानकारी स्वीकृत करने, फर्जी हस्ताक्षर करने, पत्नी को कथित रूप से बिना सहमति गारंटर बनाने तथा आरटीजीएस समेत अन्य बैंकिंग लेनदेन में अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं।
बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य जांच का आधार
विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा बैंक शाखा पहुंचकर मामले से संबंधित जानकारी जुटाई गई है। बैंक रिकॉर्ड, चेक, हस्ताक्षर, आरटीजीएस लेनदेन, कंप्यूटर डाटा और अन्य दस्तावेज जांच के दायरे में हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित लेनदेन किस प्रक्रिया के तहत हुए और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।
मिल मालिक के दावों की भी होगी पड़ताल
मामले में शिकायतकर्ता और राइस मिल से जुड़े बैंकिंग लेनदेन भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। करोड़ों रुपये की सीसी लिमिट और विभिन्न बैंकिंग गतिविधियों के संबंध में शिकायतकर्ता के दावों का रिकॉर्ड से मिलान किया जाना जरूरी है। बैंक खातों में हुए लेनदेन, चेक, मोबाइल संदेश, आरटीजीएस रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि संबंधित गतिविधियों की जानकारी कब और किस स्तर पर थी।
ज्ञापन देकर सीबीआई जांच की मांग
अखिल भारत हिंदू महासभा के जिला अध्यक्ष पंडित पंकज शर्मा ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने तथा आवश्यकता के अनुसार सीबीआई जांच की संस्तुति किए जाने की मांग की। उनका कहना है कि मामला करोड़ों रुपये की बैंकिंग गतिविधियों से जुड़ा है, इसलिए इसकी तह तक जाकर सभी पक्षों की भूमिका और दावों की निष्पक्षता की जांच होना जरूरी है।
करोड़ो रुपये के इस कथित प्रकरण में अब जांच के परिणाम पर सभी की निगाहें टिकी हैं। बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों से ही यह स्पष्ट होगा कि कथित अनियमितताएं किस स्तर पर हुईं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
रिपोर्ट-अदनान खान