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आईपीएल के लकी चार्म कर्ण शर्मा का क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास

इकाना स्टेडियम में 25 अगस्त को खेलेंगे आखिरी मैच, कानपुर सुपरस्टार्स और मेरठ मावेरिक्स के बीच होगा मुकाबला लखनऊ,पायनियर। भारतीय घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी फिरकी से इतिहास रचने वाले अनुभवी लेग-स्पिनर कर्ण शर्मा ने क्रिकेट के सभी प्रतिस्पर्धी प्रारूपों से…

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आईपीएल के लकी चार्म कर्ण शर्मा का क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास
इकाना स्टेडियम में संन्यास की घोषणा के बाद कर्ण शर्मा का हाथ पकड़कर उनका मनोबल बढ़ाते यूपी टी-20 लीग के चेयरमैन डॉ. संजय कपूर।

इकाना स्टेडियम में 25 अगस्त को खेलेंगे आखिरी मैच, कानपुर सुपरस्टार्स और मेरठ मावेरिक्स के बीच होगा मुकाबला

लखनऊ,पायनियर। भारतीय घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी फिरकी से इतिहास रचने वाले अनुभवी लेग-स्पिनर कर्ण शर्मा ने क्रिकेट के सभी प्रतिस्पर्धी प्रारूपों से संन्यास का ऐलान कर दिया है। यूपी टी-20 लीग 2026 में कानपुर सुपरस्टार्स का प्रतिनिधित्व कर रहे 38 वर्षीय कर्ण ने मेरठ मावेरिक्स के हाथों मिली हार के बाद भावुक होकर यह घोषणा की।

मंगलवार, 25 अगस्त को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में मेरठ के खिलाफ होने वाला मुकाबला उनके पेशेवर करियर का अंतिम मैच होगा। कर्ण शर्मा की सबसे बड़ी पहचान आईपीएल इतिहास के सबसे बड़े ‘लकी चार्म’ के रूप में रही। उनके नाम एक ऐसा अभूतपूर्व रिकॉर्ड दर्ज है जिसे आईपीएल का कोई अन्य भारतीय खिलाड़ी नहीं दोहरा पाया। वे लगातार तीन अलग-अलग टीमों के साथ लगातार तीन साल आईपीएल चैंपियन बनने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2016 में सनराइजर्स हैदराबाद, 2017 में मुंबई इंडियंस और 2018 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ लगातार तीन खिताब जीते। इसके बाद 2021 में उन्होंने चेन्नई के साथ अपनी चौथी आईपीएल ट्रॉफी उठाई। यूपी टी-20 लीग की नीलामी में भी कानपुर सुपरस्टार्स ने उन्हें 23 लाख रुपये में खरीदकर लगातार दूसरे साल लीग का सबसे महंगा खिलाड़ी बनाया था। मेरठ में जन्मे कर्ण शर्मा का सफर यूपीसीए की अंडर-14 टीम से शुरू हुआ था।

बाद में रेलवे की ओर से खेलते हुए उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी मजबूत पहचान बनाई। 2007 में प्रथम श्रेणी करियर का आगाज करने वाले कर्ण 2012-13 रणजी ट्रॉफी सत्र में सुर्खियों में आए, जब उन्होंने 3 मैचों में 21 विकेट चटकाकर बीसीसीआई का सर्वश्रेष्ठ अंडर-25 क्रिकेटर पुरस्कार जीता। इसी प्रदर्शन के दम पर 2014 आईपीएल नीलामी में सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें 3.75 करोड़ रुपये में खरीदा, जिससे वे उस दौर के सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ी बने थे। 2014 में ही उन्होंने भारत के लिए टेस्ट, वनडे और टी-20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। अपने करियर के आंकड़ों में कर्ण ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट के 97 मैचों में 270 विकेट और 2,866 रन (2 शतक) बनाए। लिस्ट-ए के 123 मैचों में 153 विकेट और कुल 191 टी-20 मैचों में 168 विकेट उनके नाम दर्ज हैं।

संन्यास का ऐलान करते हुए कर्ण ने कहा कि अब नए और युवा खिलाड़ियों को मौका देने का सही समय है। उन्होंने अपने करियर में सहयोग देने के लिए बीसीसीआई, रेलवे, यूपीसीए, आंध्र, विदर्भ क्रिकेट संघ और अपने परिवार का आभार जताया। कर्ण ने स्पष्ट किया कि संन्यास के बाद वे कोचिंग और अन्य भूमिकाओं के जरिए क्रिकेट से जुड़े रहेंगे। मेरठ मावेरिक्स के कप्तान रिंकू सिंह और युवा बल्लेबाज स्वास्तिक चिकारा ने भी उनके इस शानदार सफर की सराहना की।