पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। थाना पीजीआई क्षेत्र में वाहन चोरों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। अलग-अलग स्थानों से लगातार दोपहिया वाहन चोरी होने की घटनाओं ने पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपलब्ध शिकायतों के मुताबिक, क्षेत्र में बाइक और स्कूटी चोरी की कई घटनाएं सामने आई हैं। पीड़ितों का आरोप है कि वाहन घरों के सामने, अस्पताल के बाहर, बाजार और कार्यालय परिसर के आसपास से चोरी हो रहे हैं, लेकिन घटनाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार थाना पीजीआई क्षेत्र मे बेखौफ चोरो का हौशला इतना बुलंद है कि दिन हो या रात,घर हो या बाजार। आफिस हो या दुकान जहाँ मौका लगा वहीं बाइक पर हाथ साफ कर दे रहे है। सबसे हालिया मामला गत 14 अगस्त का सामने आया, जब नितेश कुमार अपनी बाइक (डीएल 35 सीक्यू 5699) से सरदार ओपी चौधरी डेंटल हॉस्पिटल पहुंचे थे।
उन्होंने बाइक अस्पताल के सामने सड़क किनारे खड़ी की (पुलिस चौकी के सामने)। करीब आधे घंटे बाद लौटे तो बाइक गायब थी। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने बीते रविवार 16 अगस्त को मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। इसके पहले गत 12 अगस्त को सरथुवा स्थित राजघराना स्मार्ट सिटी से अधिवक्ता सतीश कुमार शर्मा की बाइक (यूपी 42 एसी 8666) चोरी हो गई। शिकायत के मुताबिक, तड़के करीब तीन बजे दो अज्ञात व्यक्ति साइकिल से पहुंचे और लॉक तोड़कर बाइक लेकर फरार हो गए। पूरी चोरी की घटना सीसीटीवी फुटेज मे कैद हो गई है। इसके अलावा वृंदावन योजना सेक्टर-12 ए से आशीष पाण्डेय की बाइक (यूपी 61 बीक्यू 2985) चोरी होने का मामला सामने आया।
पीड़ित के अनुसार, रात करीब 12 बजे से सुबह तीन बजे के बीच घर के बाहर खड़ी बाइक गायब हो गई। सुबह काम पर जाने के समय वाहन नहीं मिला तो आस-पास तलाश की गई और पुलिस को सूचना दी गई। वहीं गत आठ अगस्त को सभा खेड़ा स्थित फ्लिपकार्ट ऑफिस के बाहर से संजू पाल की बाइक (यूपी 32 जीवाई 4976) चोरी हो गई। शिकायत के अनुसार, बाइक दोपहर करीब तीन बजे ऑफिस के बाहर खड़ी थी। कुछ समय बाद वापस लौटने पर वाहन गायब मिला। थाना पीजीआई क्षेत्र हैबत मऊ-मवैया, रायबरेली रोड निवासी ऋषभ राय की बाइक (यूपी 32 बीपी 8864) भी चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई है। पीड़ित के मुताबिक, वाहन घर पर खड़ा था और वापस आने पर गायब मिला। उन्होंने घटना की सीसीटीवी वीडियो होने की बात भी पुलिस को बताई है।
इसी तरह सेक्टर-आठ मार्केट से गीता मेहर का स्कूटर (यूपी 32 सीयू 3715) चोरी होने की शिकायत भी सामने आई है। शिकायत के अनुसार, गत 29 मई की रात करीब आठ बजे स्कूटर बाजार में खड़ा कर वह सब्जी खरीदने गई थीं। वापस लौटने पर स्कूटर मौके से गायब मिला। पीजीआई थाना क्षेत्र के वृंदावन योजना सेक्टर-12 बी में डिलीवरी लेने गए युवक की बाइक अज्ञात चोरों ने पार कर दी। पीड़ित संकल्प गोस्वामी के मुताबिक, गत आठ अगस्त की रात करीब 8:35 बजे अपनी बाइक (यूपी 32 एलडब्लू 2653) सड़क किनारे खड़ी कर अंदर गया था। कुछ देर बाद लौटने पर बाइक गायब मिली।
काफी तलाश के बाद भी पता न चलने पर पीड़ित ने पीजीआई थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने, आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और बाइक बरामदगी की मांग की है। इन सभी मामलों में पीजीआई पुलिस ने पीडितों की तहरीर के अनुसार एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। सवाल यह है कि पीडीआई क्षेत्र में लगातार दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं के पीछे क्या कोई सक्रिय गिरोह काम कर रहा है? यदि हां, तो पुलिस उसके नेटवर्क तक कब पहुंचेगी? सीसीटीवी और तकनीकी सर्विलांस के बावजूद चोर पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों हैं?
लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच अब स्थानीय लोगों की निगाहें पीजीआई पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि पुलिस इन घटनाओं को महज अलग-अलग चोरी के मामलों के रूप में न देखकर इनके पीछे सक्रिय वाहन चोर गिरोह का पता लगाएगी और चोरी हुए वाहनों की बरामदगी के साथ आरोपियों पर प्रभावी कार्रवाई करेगी।
सीसीटीवी के बावजूद चोर बेखौफ
इन घटनाओं में कई पीड़ितों ने सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने की बात कही है। इसके बावजूद यदि वाहन चोरों तक पुलिस नहीं पहुंच पा रही है तो यह क्षेत्र में पुलिस की निगरानी और सर्विलांस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लगातार हो रही वाहन चोरी से स्थानीय लोगों में भी असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।