पायनियर समाचार सेवा। करनाल। हरियाणा के गठन के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा प्रगतिशील सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन नीति-2026 का शुभारंभ किया। पांच वर्षीय इस नीति के तहत राज्य में विनिर्माण क्षेत्र में 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करने, पांच लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने और वर्ष 2031 तक निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।
नीति में एमएसएमई को मजबूत बनाने के लिए 60 परिवर्तनकारी पहल शामिल की गई हैं। पूंजी निवेश, ब्याज अनुदान, रोजगार सृजन, तकनीकी उन्नयन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वचालन और अनुसंधान एवं विकास के लिए प्रोत्साहन दिए जाएंगे। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में वाहन एवं कलपुर्जे, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, औषधि, वस्त्र, नवीकरणीय ऊर्जा और खाद्य प्रसंस्करण शामिल हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य हरियाणा को निवेश, रोजगार और निर्यात का मजबूत केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा कि नीति से छोटे उद्यमों को नई तकनीक अपनाने और वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर एआई आधारित बहुभाषी ‘हरियाणा उद्योग साथी’ भी शुरू किया गया, जो उद्यमियों को योजनाओं और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराएगा।