लखनऊ: उत्तर प्रदेश में डेयरी क्षेत्र को नई दिशा देने और दुग्ध उत्पादन से जुड़े किसानों एवं पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से आज प्रदेश के सभी जिलों में डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। यह विशेष कार्यक्रम दुग्धशाला विकास विभाग की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन दुग्धशाला विकास विभाग और पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में होगा।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, डेयरी कॉन्क्लेव का उद्देश्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना, पशुपालकों की आय में वृद्धि करना तथा डेयरी उद्योग से जुड़े नवीनतम नवाचारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी लाभार्थियों तक पहुंचाना है। इस आयोजन के माध्यम से किसानों, डेयरी संचालकों, दुग्ध उत्पादक समितियों और पशुपालकों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
सुबह 10:30 बजे से होगा सीधा प्रसारण
डेयरी कॉन्क्लेव का लाइव प्रसारण सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारी, पशु चिकित्सक, डेयरी विशेषज्ञ, दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान एवं पशुपालक शामिल होंगे। आयोजन के दौरान डेयरी क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों, नई योजनाओं और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
डेयरी क्षेत्र को मिलेगा नया प्रोत्साहन
उत्तर प्रदेश सरकार लगातार डेयरी उद्योग को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है। राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, पशुपालकों को आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने, नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य सेवाओं और डेयरी आधारित स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। डेयरी कॉन्क्लेव के माध्यम से इन योजनाओं की जानकारी सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाई जाएगी।
किसानों और पशुपालकों को मिलेगा लाभ
कॉन्क्लेव में विशेषज्ञ पशुपालन, संतुलित आहार, डेयरी प्रबंधन, दुग्ध गुणवत्ता, पशु रोग नियंत्रण और आधुनिक डेयरी तकनीकों पर जानकारी देंगे। साथ ही सरकार द्वारा संचालित विभिन्न अनुदान योजनाओं, डेयरी ऋण, सहकारी समितियों और स्वरोजगार के अवसरों पर भी विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने और किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
स्वर्णिम यात्रा का होगा उत्सव
दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम विभाग की उपलब्धियों को भी रेखांकित करेगा। पिछले पांच दशकों में प्रदेश में दुग्ध उत्पादन, डेयरी सहकारिता और पशुपालन क्षेत्र में हुए विकास की समीक्षा की जाएगी तथा भविष्य की योजनाओं का रोडमैप भी प्रस्तुत किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस तरह के आयोजन डेयरी क्षेत्र में तकनीकी जागरूकता बढ़ाने, किसानों को नई संभावनाओं से जोड़ने और उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।










