अभिभावकों को दी बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार रखने की सलाह

लखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ में जन भवन, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार संचालित “नशा मुक्ति पखवाड़ा” के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में “नशा मुक्त जीवन” विषय पर एक प्रेरक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अत्यंत जागरूकतापूर्ण एवं संवादात्मक वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता लखनऊ की पुलिस उपाधीक्षक, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ए एन टी एफ) डॉ. बीनू सिंह रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के तालवाद्य विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार मिश्रा द्वारा मुख्य वक्ता को पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।

अपने व्याख्यान में डॉ. बीनू सिंह ने प्रस्तुतीकरण (पीपीटी) के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों को विस्तारपूर्वक समझाया। उन्होंने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि मानसिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन पर भी गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने विशेष रूप से लिवर सिरोसिस, फैटी लिवर तथा धूम्रपान (सिगरेट) से होने वाले दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान समय में युवाओं एवं कॉलेज विद्यार्थियों में रेव पार्टियों तथा मादक पदार्थों के बढ़ते प्रचलन के कारण ब्रेन पैरालिसिस जैसी गंभीर समस्याएं साम ने आ रही हैं।

डॉ. बीनू सिंह ने विद्यार्थियों को नशे की पहचान करने के तरीके बताते हुए कहा कि यदि समय रहते लक्षणों को पहचाना जाए, तो व्यक्ति को इस बुरी आदत से बचाया जा सकता है। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि वे बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार रखें, जिससे वे अपनी समस्याएं खुलकर साझा कर सकें। उन्होंने नशा मुक्ति हेतु राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1800110031 की जानकारी देते हुए बताया कि इस पर नशे से संबंधित शिकायत या सहायता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने संदेश दिया कि “आप सुरक्षित रहेंगे तो आपका परिवार भी सुरक्षित रहेगा।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें डॉ. बीनू सिंह ने उनके प्रश्नों के उत्तर देकर नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता को और सुदृढ़ किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने कहा कि नशा मुक्ति पखवाड़ा समाज को स्वस्थ एवं जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें तथा समाज में जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। विश्वविद्यालय के कुलसचिव एस. पी. सिंह ने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सजग रहना चाहिए तथा सकारात्मक गतिविधियों में संलग्न होकर अपने जीवन को सार्थक दिशा देनी चाहिए।

कार्यक्रम में नृत्य विभागाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र दत्त बाजपेयी एवं अन्य शिक्षकों के साथ संगतकर्ता, कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय एवं उसके संघटक इकाइयों में कल दिनांक 02.08.2026 को प्रातः 10:00 बजे समस्त शिक्षक, कर्मचारी, संगतकर्ता एवं विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की सामूहिक शपथ दिलाई जाएगी, जिसमें कुलाधिपति एवं देश के प्रधानमंत्री का लाइव संबोधन भी प्रसारित किया जाएगा।

Chief Sub-editor Pioneer Hindi

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