प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में माफिया और अवैध संपत्तियों के खिलाफ जारी अभियान के तहत प्रयागराज जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए माफिया अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ उर्फ खालिद अजीम और पत्नी शाइस्ता परवीन से जुड़ी करीब 345 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियों को जब्त करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई है और इसमें प्रयागराज, कौशांबी तथा लखनऊ में स्थित कई महत्वपूर्ण संपत्तियां शामिल हैं।
प्रशासन के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में मकान, कृषि एवं व्यावसायिक जमीन, बैंक खातों में जमा धनराशि और अन्य परिसंपत्तियां शामिल हैं। इन संपत्तियों की सुरक्षा, रखरखाव और निगरानी के लिए अधिकारियों की तैनाती भी कर दी गई है, ताकि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि या अतिक्रमण न हो सके।
प्रयागराज, कौशांबी और लखनऊ की संपत्तियां शामिल
जारी आदेश के मुताबिक, प्रयागराज के झूंसी क्षेत्र में स्थित लगभग 123 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन को जब्त किया जाएगा। वहीं शाइस्ता परवीन के नाम दर्ज कटका क्षेत्र की करीब 81 करोड़ रुपये की भूमि भी कार्रवाई के दायरे में लाई गई है।
इसके अलावा लखनऊ के भैसोरा क्षेत्र में स्थित लगभग 31 करोड़ रुपये की संपत्ति और कौशांबी के कोइलहा क्षेत्र में स्थित करीब 24 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन भी जब्ती सूची में शामिल है।
बैंक खातों में जमा 113 करोड़ रुपये भी जब्त
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई केवल अचल संपत्तियों तक सीमित नहीं है। अतीक अहमद और उसके सहयोगियों से जुड़े 13 बैंक खातों में जमा 113 करोड़ 61 लाख रुपये की राशि को भी जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित बैंकों को आदेश भेजकर खातों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
गैंगस्टर एक्ट के तहत पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि अतीक अहमद और उसके गिरोह के खिलाफ इससे पहले भी उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत कई बार कुर्की और जब्ती की कार्रवाई की जा चुकी है। सरकार की माफिया विरोधी नीति के तहत अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने का अभियान लगातार जारी है।
संपत्तियों की निगरानी के लिए समिति गठित
जिला प्रशासन ने जब्त संपत्तियों की सुरक्षा और रखरखाव के लिए संबंधित अधिकारियों की तैनाती कर दी है। प्रशासन का कहना है कि इन परिसंपत्तियों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश सरकार लगातार यह स्पष्ट कर चुकी है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रयागराज प्रशासन की यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।










