मलिहाबाद पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी से मिला न्याय
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के तहत चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान में मलिहाबाद पुलिस और अभियोजन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। करीब आठ वर्ष पुराने दुष्कर्म मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। पुलिस आयुक्त के निर्देशन में अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत मलिहाबाद पुलिस की प्रभावी विवेचना और अभियोजन पक्ष की सशक्त पैरवी के आधार पर विशेष पॉक्सो कोर्ट-2, लखनऊ ने यह फैसला सुनाया।
पुलिस के अनुसार, मलिहाबाद इलाके के ग्राम सदरपुर निवासी इश्तियाक अली के खिलाफ वर्ष 2018 में एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था। शुक्रवार को जारी प्रेस नोट के अनुसार, विशेष पॉक्सो कोर्ट-2 के न्यायाधीश ने 17 जून 2026 को सुनाए गए निर्णय में आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को न्यायालय से जेल भेज दिया गया। इस मामले में तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र सिंह भाटी, उपनिरीक्षक विवेक कुमार और मुख्य आरक्षी मनोज कुमार की प्रभावी विवेचना एवं न्यायालय में मजबूत पैरवी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत अपराधियों को कठोर सजा दिलाने के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसका उद्देश्य पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना और अपराधियों में कानून का भय बनाए रखना है।










