उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के सैफनी थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्ची से कथित दुष्कर्म के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने आरोपी साबिर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी घायल हो गया, जिसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता की मां की शिकायत पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब बच्ची घर पर अकेली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विभिन्न पहलुओं से जांच शुरू की और आरोपी की तलाश तेज कर दी।
मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी को पकड़ने के लिए गंगा पुल क्षेत्र के पास घेराबंदी की गई थी। इस दौरान आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। पुलिस उसकी सुरक्षा के बीच इलाज करवा रही है।
पुलिस का क्या कहना है?
अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था और उसकी तलाश की जा रही थी। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन टीम ने उसे काबू कर लिया।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया जाएगा।
पीड़िता का कराया जा रहा मेडिकल परीक्षण
पुलिस का कहना है कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। जांच रिपोर्ट और चिकित्सकीय परीक्षण के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषी के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।










