58 तालाबों पर जिम्मेदारों की लापरवाही, नहीं शुरू हुआ काम

मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी अभियान की समीक्षा में खुली पोल, एक सप्ताह की मोहलत, सुधार नहीं तो रुकेगा वेतन
पायनियर संवाददाता। पीलीभीत
तालाबों को ग्रे-वॉटर और प्लास्टिक से मुक्त कर मॉडल तालाब के रूप में विकसित करने की सरकारी मुहिम जिले में जिम्मेदारों की सुस्ती की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी अभियान के द्वितीय चरण में चयनित 100 तालाबों की समीक्षा में 58 तालाब ऐसे मिले, जहां अभी तक काम ही शुरू नहीं कराया गया। समीक्षा में लापरवाही सामने आने के बाद जिम्मेदारों को चेतावनी जारी कर एक सप्ताह में स्थिति सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।
समीक्षा में विकासखंड अमरिया के आठ, बरखेड़ा के 13, बिलसंडा के नौ, बीसलपुर के 10, ललौरीखेड़ा के सात, मरौरी के सात और पूरनपुर के चार तालाबों पर कार्य शुरू नहीं मिला। यानी जिले के सात विकासखंडों में आधे से अधिक चिन्हित तालाबों पर अभियान की रफ्तार कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित सहायक विकास अधिकारी पंचायत, कंसलटिंग इंजीनियर और खंड प्रेरकों को चेतावनी पत्र जारी किए गए हैं। अधिकारियों को ग्राम पंचायतवार और सचिववार समीक्षा कर एक सप्ताह में कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में सुधार नहीं होने पर संबंधितों का वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
- अगली समीक्षा में होगी सीधी जवाबदेही
अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि अगली सप्ताह होने वाली ग्राम पंचायतवार समीक्षा में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन ग्राम पंचायत सचिवों के कार्यक्षेत्र में चिन्हित तालाबों का वीओडी-सीओडी चेक नहीं पाया जाएगा या तालाब पर कार्य प्रारंभ नहीं हुआ मिलेगा, उनके विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
तालाबों को स्वच्छ और मॉडल स्वरूप देने के लिए चलाए जा रहे अभियान में 58 तालाबों पर काम शुरू न होना जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। अब अगली समीक्षा में यह देखना होगा कि चेतावनी के बाद जिम्मेदार जमीन पर कितना काम उतार पाते हैं।



