अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर संजय निषाद का तंज, बोले- ‘देर से ही सही, अयोध्या आ तो रहे हैं’

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने अखिलेश यादव के प्रस्तावित अयोध्या दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि देर से ही सही, कम से कम वह अयोध्या आ तो रहे हैं। उन्होंने अखिलेश यादव से भगवान श्रीराम के साथ निषादराज के दर्शन करने और अपनी पिछली गलतियों के लिए माफी मांगने की सलाह दी।
‘गलती के लिए माफी मांगनी चाहिए’
डॉ. संजय निषाद ने कहा कि अखिलेश यादव को अयोध्या जाने के दौरान भगवान श्रीराम के दर्शन के साथ निषादराज का भी स्मरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर पिछली कोई गलती हुई है तो उसके लिए माफी मांगने में कोई बुराई नहीं है। संजय निषाद ने कहा कि माफी मांगने से गलती सुधर जाती है।
संजय निषाद का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो चुकी है। अयोध्या लगातार यूपी की राजनीति के केंद्र में बनी हुई है और विपक्षी नेताओं के दौरे भी सियासी नजरिए से देखे जा रहे हैं।
‘जितना आरोप लगाएंगे, उतनी खुलेगी पोल’
संजय निषाद ने विपक्ष की ओर से योगी सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सरकार पर आरोप लगाना है, लेकिन जनता को केवल आरोपों के आधार पर फैसला नहीं करना चाहिए। जनता को 2017 से पहले की सरकार और 2017 के बाद की सरकार के कामकाज की तुलना करनी चाहिए।
उन्होंने रोजगार, सरकारी भर्ती, कानून-व्यवस्था और कथित घोटालों के मुद्दे पर सपा सरकार को घेरते हुए कहा कि जितने ज्यादा आरोप लगाए जाएंगे, उतनी ही पुराने कार्यकाल की ‘पोल’ खुलेगी।
राजभर ने भी साधा अखिलेश पर निशाना
इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। राजभर ने सुभासपा के सिंबल पर सपा के प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अखिलेश यादव ने गठबंधन के दौरान उनके दल के सिंबल का इस्तेमाल किया था।
राजभर ने रोजगार और निवेश के मुद्दे पर भी अखिलेश को घेरा। उन्होंने दावा किया कि सपा सरकार के दौरान निवेश का माहौल कमजोर था, जबकि योगी सरकार में बड़े उद्योग प्रदेश में आए हैं।
2027 से पहले तेज हुई सियासी बयानबाजी
अखिलेश यादव पर ओपी राजभर और संजय निषाद के हमले यह संकेत दे रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी और तेज होने वाली है। एक तरफ सपा सरकार के पुराने कार्यकाल को मुद्दा बनाकर सत्तापक्ष विपक्ष को घेर रहा है, तो दूसरी तरफ अखिलेश यादव लगातार मौजूदा सरकार के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं।
अब देखना होगा कि अखिलेश यादव अयोध्या दौरे के दौरान क्या संदेश देते हैं और उनके बयानों पर बीजेपी और उसके सहयोगी दलों की ओर से आगे क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।



