30 अक्टूबर को बंद रहेंगे गाजियाबाद के सभी स्कूल

गाजियाबाद। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET-2026) के मद्देनजर गाजियाबाद में 30 अक्टूबर को कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी बोर्डों के स्कूल बंद रहेंगे। जिला प्रशासन ने परीक्षा के सुचारू संचालन, यातायात व्यवस्था बनाए रखने और परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी से बचाने के लिए यह निर्णय लिया है। ऐसे में विद्यार्थियों को शुक्रवार को स्कूल जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इस तरह के आदेश नोएड-ग्रेटर नोएडा के लिए भी जारी किए गए हैं। हालांकि गौतमबुद्धनगर से जुड़े 32 स्कूलों के लिए यह आदेश आए हैं। दरअसल, इसके पीछे की वजह कल होने वाली PET परीक्षा है। यह परीक्षा जिला के 32 परीक्षा केंद्रों पर होगी, जिन्हें यहां के स्कूलों में बनाया गया है। गौतमबुद्धनगर के जिला विद्यालय निरीक्षक ने यह आदेश जारी करते हुए आदेश दिया है कि संबंधित स्कूलों में अवकाश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
PET परीक्षा के चलते आया छुट्टी का आदेश
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की ओर से 29 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में बताया गया है कि 30 अक्टूबर को जिले के चिह्नित 32 परीक्षा केंद्रों पर PET की लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके चलते इन परीक्षा केंद्रों से जुड़े विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी स्कूलों में छुट्टी नहीं, देखिए लिस्ट में शामिल नाम
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि छुट्टी जिले के कुछ स्कूलों की होगी। उनकी सूचि आदेश में लगाई गई है। ऐसे स्कूलों की संख्या 32 है, जिन्हें परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इसलिए इसे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के सभी स्कूलों में छुट्टी का आदेश नहीं माना जाना चाहिए। अभिभावक और छात्र अपने स्कूल से छुट्टी की पुष्टि कर सकते हैं।
इन स्कूलों में कल नहीं होगी पढ़ाईइन स्कूलों में कल नहीं होगी पढ़ाई
दो पालियों में होगी PET की परीक्षा
PET-2026 की लिखित परीक्षा 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को आयोजित की जा रही है। परीक्षा प्रत्येक दिन दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने आदेश की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को भी भेजी है। संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।



