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प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हो या ई-लर्निंग, अब गांव में ही डिजिटल संसाधन; सीएम योगी ने बताया बदलाव

प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हो या ई-लर्निंग, अब गांव में ही डिजिटल संसाधन; सीएम योगी ने बताया बदलाव

लखनऊ, 5 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के गांवों में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का तरीका तेजी से बदल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में ग्राम पंचायत डिजिटल लाइब्रेरी की पहल से अब ग्रामीण बच्चों और युवाओं को किताबों, इंटरनेट और आधुनिक डिजिटल कंटेंट के लिए शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार 57,600 ग्राम पंचायतों तक डिजिटल लाइब्रेरी की पहुंच ने गांवों में पढ़ाई के लिए नया डिजिटल इकोसिस्टम तैयार किया है।

मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए बहराइच के तेजवापुर ब्लॉक के खसहा मोहम्मदपुर में बनी डिजिटल लाइब्रेरी का उदाहरण साझा किया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत सचिवालय में तैयार यह लाइब्रेरी ग्रामीण युवाओं के लिए पढ़ाई और ई-लर्निंग का नया केंद्र बन रही है।

किताब से लेकर इंटरनेट तक, एक जगह कई सुविधाएं

खसहा मोहम्मदपुर की डिजिटल लाइब्रेरी में कंप्यूटर, प्रिंटर, हाई-स्पीड इंटरनेट, वाई-फाई, स्मार्ट टीवी और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी किताबों के साथ नेशनल बुक ट्रस्ट का साहित्य भी उपलब्ध कराया गया है।

इसका मतलब है कि किसी विद्यार्थी को किसी परीक्षा की तैयारी के लिए पुस्तक चाहिए या ऑनलाइन शैक्षिक सामग्री की जरूरत है, दोनों तरह के संसाधन उसे गांव में ही उपलब्ध हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे विद्यार्थियों का समय और यात्रा पर होने वाला खर्च बच रहा है और वे अधिक समय पढ़ाई में लगा पा रहे हैं।

2017 से पहले 76 स्थान, अब 57,600 ग्राम पंचायतें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिजिटल शिक्षा के विस्तार की तुलना करते हुए कहा कि 2017 से पहले ई-लाइब्रेरी की पहुंच राज्य और जिला स्तर के करीब 76 स्थानों तक सीमित थी। अब डिजिटल लाइब्रेरी का नेटवर्क 57,600 ग्राम पंचायतों तक पहुंच गया है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में डिजिटल शिक्षा के विस्तार के लिए करीब 60 लाख युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट दिए गए हैं। इसके अलावा 32 हजार से अधिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम और 15 हजार से अधिक विद्यालयों में आईसीटी लैब स्थापित की गई हैं।

गांव के युवाओं के लिए शहर जैसी सुविधाएं

डिजिटल लाइब्रेरी की सबसे बड़ी उपयोगिता प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मानी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को अक्सर बेहतर पुस्तकालय, इंटरनेट और अध्ययन सामग्री के लिए जिला मुख्यालय या बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। डिजिटल लाइब्रेरी के विस्तार से ऐसे विद्यार्थियों को अपने ही गांव में अध्ययन का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संसाधन जब करीब आते हैं तो सपनों की राह भी आसान होती है। बच्चे और युवा डिजिटल लाइब्रेरी में अध्ययन कर रहे हैं, ई-लर्निंग से जुड़ रहे हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नई दिशा दे रहे हैं।

ग्राम सचिवालय की बदली भूमिका

सरकार की इस पहल के तहत ग्राम पंचायत सचिवालयों की भूमिका भी व्यापक हो रही है। अब ये केंद्र केवल प्रशासनिक कामकाज और सरकारी सेवाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कई स्थानों पर शिक्षा, डिजिटल तकनीक और ज्ञान के केंद्र के रूप में भी विकसित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गांव बदल रहा है और पढ़ाई का परिवेश भी बदल रहा है। डिजिटल लाइब्रेरी के जरिए ज्ञान और तकनीक की पहुंच बच्चों के द्वार तक ले जाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि ग्रामीण युवाओं को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें बेहतर शिक्षा, ई-लर्निंग और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना प्रदेश के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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