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गुरुग्राम

कला के कद्रदानों के लिए 10 साल में भी नहीं खुले बाल भवन के दरवाजे    

इसी बाल भवन के मंच से निखरे हैं बॉलीवुड अभिनेता राजकुमार राव गुरुग्राम। बच्चों, युवाओं की प्रतिभा निखारने और उनमें कलात्मकता पैदा करने के उद्देश्य से वर्ष 2016 में जिस बाल भवन की नींव रखी गई, वह बाल भवन 10 साल में…

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कला के कद्रदानों के लिए 10 साल में भी नहीं खुले बाल भवन के दरवाजे    
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इसी बाल भवन के मंच से निखरे हैं बॉलीवुड अभिनेता राजकुमार राव

गुरुग्राम। बच्चों, युवाओं की प्रतिभा निखारने और उनमें कलात्मकता पैदा करने के उद्देश्य से वर्ष 2016 में जिस बाल भवन की नींव रखी गई, वह बाल भवन 10 साल में भी समर्पित नहीं हो पाया है। कहने को तो बाल भवन की आलीशान इमारत बनकर तैयार हो गई है, लेकिन वह किसी उपयोग में नहीं आ रही। देखरेख के अभाव में बाल भवन परिसर में बड़ेे-बड़े पौधे, खरपतवार उग गए हैं। आलीशान इमारत देखरेख नहीं होने से खंडहर हो सकती है।

बॉलीवुड में अपनी अदाकारी से धाक जमा रहे अभिनेता राजकुमार राव ने इसी बाल भवन के मंच से अपनी प्रतिभा को निखारा है। ब्लू बैल्स स्कूल से उन्होंने पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान भी कला में उनकी गहरी रुचि थी। इसलिए स्कूल के कार्यक्रमों में भी उनका जलवा रहता था। बाल भवन के जल्द निर्माण और बच्चों को समर्पित कराने के लिए समय-समय पर विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी रहे नवीन गोयल ने आवाज उठाई है। एक बार फिर से उन्होंने बाल भवन का दौरा करके यहां की बदहाली से रूबरू कराया। उन्होंने वीडियो मैसेज में दिखाया गया कि बिना देरी के बाल भवन को सही करके बच्चों, कलाकारों के लिए शुरू किया जाए।

इस बाल भवन ने राजकुमार राव जैसे अभिनेता दिए: नवीन गोयल
गुरुग्राम से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके नवीन गोयल ने कहा कि प्रदेश सरकार से उन्होंने मांग की कि जिस बाल भवन ने बॉलीवुड को राजकुमार राव जैसे उम्दा अभिनेता दिए हैं, उसको नवनिर्माण के बाद शुरू करने में अब और देरी नहीं होनी चाहिए। नवीन गोयल ने कहा कि जो बच्चे प्रतिभा निखारने के लिए महंगी कोचिंग, कक्षाएं नहीं ले सकते, वे इसी बाल भवन में फ्री में सीख सकते हैं। हजारों बच्चों का भविष्य यहां बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने भी डिजिटल क्रिएटर के लिए प्लेटफार्म दिया है। यह बाल भवन भी शुरू हो जाए तो यहां बच्चों को डिबेट, सिंगिंग, एक्टिंग का अच्छा वातावरण मिल सकता है। उन्होंने सरकार, नगर निगम से आग्रह किया है कि बाल भवन को बिना देरी के तुरंत शुरू किया जाए, ताकि यहां प्रतिभाएं निखर सकें।

वर्ष 2016 में राज्यपाल प्रो. सोलंकी ने किया था शिलान्यास
इस बाल भवन के निर्माण के लिए शिलान्यास 18 दिसंबर 2016 को तत्कालीन राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने किया था। शिलान्यास के बाद डेढ़ साल में बाल भवन का निर्माण कार्य पूरा होने की डेड लाइन तय की गई थी। गुरुग्राम नगर निगम की ओर से 25.75 करोड़ रुपये की लागत से बाल भवन में मल्टीपर्पज हॉल, ऑडिटोरियम, गेस्ट रूम बनाने के साथ पुरानी बिल्डिंग का नवीनीकरण करना था। आज 10 साल बीत चुके है। पिछले सालों में बाल भवन का काम कछुआ गति से हुआ। कभी काम बंद हो गया तो कभी शुरू हो गया, ऐसा करते-करते एक दशक बीत गया। किसी तरह बाल भवन की भव्य इमारत 25 करोड़ से भी अधिक की लागत से तैयार तो हो गई, लेकिन यह बच्चों के आज तक काम नहीं आ पाई है। क्योंकि बाल भवन की आलीशन इमारत अभी उद्घाटन के इंतजार में है। इसके उद्घाटन को लेकर नगर निगम की ओर से मामले को ठंडे बस्ते में डाला हुआ है। पूरी तरह से यह उपेक्षा का शिकार है।
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