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निठारी कांड के सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत, चाय की दुकान में फंदे से लटका मिला शव; कुछ महीने पहले हुआ था रिहा

हरिद्वार: नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड से जुड़े रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत हो गई। शुक्रवार को उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में सप्त सरोवर रोड पर एक चाय की दुकान के अंदर उनका शव फंदे से लटका मिला। पुलिस…

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निठारी कांड के सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत, चाय की दुकान में फंदे से लटका मिला शव; कुछ महीने पहले हुआ था रिहा

हरिद्वार: नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड से जुड़े रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत हो गई। शुक्रवार को उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में सप्त सरोवर रोड पर एक चाय की दुकान के अंदर उनका शव फंदे से लटका मिला। पुलिस के मुताबिक, कोली पिछले कुछ दिनों से इसी जगह चाय की दुकान चला रहे थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने मौत को आत्महत्या का मामला बताया है, हालांकि मौत के कारणों और परिस्थितियों की जांच जारी है।

चाय की दुकान में मिला शव

जानकारी के मुताबिक, घटना सप्तऋषि पुलिस चौकी क्षेत्र की है। सप्त सरोवर रोड पर लालमाता मंदिर के सामने स्थित चाय की दुकान में कोली का शव मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल की जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

पुलिस ने मृतक की पहचान अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण क्षेत्र के ग्राम मंगरुखाल निवासी सुरेंद्र कोली के रूप में की है। उनके परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। पुलिस मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

निठारी कांड से देशभर में मचा था हड़कंप

सुरेंद्र कोली का नाम वर्ष 2006 में सामने आए निठारी कांड के बाद देशभर में चर्चा में आया था। 29 दिसंबर 2006 को नोएडा के निठारी इलाके में कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर के घर के पीछे नाले से बच्चों के कंकाल बरामद होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा था। इसके बाद आसपास के इलाकों में तलाशी और खुदाई के दौरान कई और अवशेष मिलने की जानकारी सामने आई थी।

इस मामले में मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज किए गए थे। अलग-अलग मामलों में कोली को निचली अदालत से मृत्युदंड तक की सजा सुनाई गई थी।

2023 में 12 मामलों में बरी, 2025 में अंतिम मामले से भी मिली राहत

निठारी कांड से जुड़े मामलों में सुरेंद्र कोली को बाद में लगातार कानूनी राहत मिलती गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अक्टूबर 2023 में 12 मामलों में उन्हें बरी कर दिया था। इसके बाद नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम लंबित मामले में भी उनकी दोषसिद्धि को रद्द करते हुए उन्हें बरी कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि किसी अन्य मामले में उनकी जरूरत न हो तो उन्हें तत्काल रिहा किया जाए।

यानी हरिद्वार में मौत से पहले सुरेंद्र कोली निठारी से जुड़े सभी 13 मामलों में कानूनी तौर पर बरी हो चुके थे। इसी के बाद वह जेल से बाहर आए थे।

कुछ दिनों से चला रहे थे चाय की दुकान

रिपोर्टों के मुताबिक, कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहे थे और हाल में भूपतवाला क्षेत्र में चाय की दुकान शुरू की थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उनकी मौत के पीछे क्या परिस्थितियां थीं।

फिलहाल पुलिस की प्रारंभिक जांच आत्महत्या की ओर इशारा कर रही है, लेकिन मौत के कारण और उससे जुड़ी परिस्थितियां पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के बाद ही स्पष्ट होंगी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

निठारी कांड के एक प्रमुख आरोपी रहे व्यक्ति की इस तरह हुई मौत ने एक बार फिर करीब दो दशक पुराने इस चर्चित मामले को सुर्खियों में ला दिया है।

लेखक

Rashmi Singh

रश्मि सिंह मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर हैं और मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राउंड रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन से की तथा समय के साथ देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार चैनलों में कार्य किया। राजनीति, समसामयिक घटनाक्रम, उत्तर प्रदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन जगत की रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण में उन्हें विशेष अनुभव प्राप्त है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता को अपनी पहचान बनाया है।

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