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यूपी में अपराधियों पर सख्त प्रहार: 9 वर्षों में 17 हजार से अधिक एनकाउंटर, 294 दुर्दांत अपराधी ढेर

यूपी में अपराधियों पर सख्त प्रहार: 9 वर्षों में 17 हजार से अधिक एनकाउंटर, 294 दुर्दांत अपराधी ढेर

   लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए योगी सरकार द्वारा अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पिछले नौ वर्षों में व्यापक अभियान चलाया गया है। इस दौरान पुलिस ने अपराध और संगठित अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई करते हुए हजारों अपराधियों को गिरफ्तार किया, जबकि कई कुख्यात अपराधी मुठभेड़ों में मारे गए।

आंकड़ों के अनुसार, पिछले नौ वर्षों में प्रदेशभर में कुल 17,043 पुलिस मुठभेड़ें हुईं। इन कार्रवाइयों के दौरान 34,253 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 11,834 अपराधी घायल हुए। वहीं 294 दुर्दांत अपराधी पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान 18 पुलिसकर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दी, जबकि 1,852 पुलिसकर्मी घायल हुए।

प्रदेश में सबसे अधिक एनकाउंटर मेरठ जोन में दर्ज किए गए। यहां पुलिस ने 4,813 मुठभेड़ की कार्रवाइयों को अंजाम दिया, जिनमें 8,921 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और 3,513 अपराधी घायल हुए। इस दौरान 97 कुख्यात अपराधियों को मार गिराया गया। मेरठ जोन में कार्रवाई के दौरान 477 पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि दो पुलिसकर्मियों ने कर्तव्य निभाते हुए शहादत दी। एनकाउंटर के मामलों में मेरठ जोन पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा।

दूसरे स्थान पर वाराणसी जोन रहा, जहां 1,292 मुठभेड़ों में 2,426 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और 29 अपराधी मारे गए। इस दौरान 907 अपराधी तथा 104 पुलिसकर्मी घायल हुए। वहीं आगरा जोन तीसरे स्थान पर रहा, जहां 2,494 मुठभेड़ों में 5,845 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 24 अपराधी मारे गए और 968 अपराधी घायल हुए। आगरा जोन में 62 पुलिसकर्मी भी कार्रवाई के दौरान घायल हुए।

अन्य जोनों की बात करें तो बरेली जोन में 2,222 मुठभेड़ों में 21 अपराधी मारे गए, जबकि लखनऊ जोन में 971 मुठभेड़ों के दौरान 20 अपराधियों को ढेर किया गया। गाजियाबाद कमिश्नरेट में 789 मुठभेड़ों में 18 अपराधियों को मार गिराया गया, जो सभी कमिश्नरेटों में सबसे अधिक है। कानपुर जोन में 12, प्रयागराज जोन में 11 और आगरा कमिश्नरेट में 10 अपराधी मुठभेड़ों में मारे गए।

सरकार का दावा है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, गैंगस्टर एक्ट, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और अवैध संपत्तियों की कुर्की जैसी कार्रवाइयों ने अपराध जगत पर प्रभावी अंकुश लगाया है। संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई के कारण कई अपराधियों ने प्रदेश छोड़ना बेहतर समझा।

प्रदेश सरकार के अनुसार, कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चलाए गए इस अभियान का असर जमीनी स्तर पर भी दिखाई दिया है। अपराधियों में कानून का भय बढ़ा है, जबकि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। सरकार का मानना है कि कठोर और त्वरित पुलिस कार्रवाई के कारण उत्तर प्रदेश आज एक सुरक्षित और बेहतर कानून-व्यवस्था वाले राज्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

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