स्नातक निर्वाचन में जिले में 33 बूथों में 20,999 मतदाता करेंगे मतदान

- 23 अक्टूबर को प्रातः 8 से शाम 4 बजे तक होगा मतदान
- मतदाता कर्मियों की किट, मतपत्रों की हुई जांच
पायनियर संवाददाता। उरई (जालौन)
स्नातक निर्वाचन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिये अपर जिला निर्वाचन अधिकारी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज ने सोमवार को मतदाता कर्मियों की किटों के साथ ही मतपत्रों की जांच पड़ताल के कार्य को अपनी निगरानी में पूर्ण कराया। मतदान के दिन किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो इसके मद्देनजर छोटी से छोटी बातों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अपर जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जनपद में 23 अक्टूबर को स्नातक निर्वाचन को लेकर तैयारियां प्रशासनिक स्तर पर पूरी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि जनपद में मतदान के लिये 33 बूथ बनाये गये हैं जहां पर 20 हजार 999 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। उरई तहसील क्षेत्र में 13 बूथ, जालौन तहसील क्षेत्र में 4 बूथ, माधौगढ़ तहसील क्षेत्र में 5 बूथ, कोंच तहसील क्षेत्र में 5 बूथ व कालपी तहसील क्षेत्र में 6 बूथ बनाये गये हैं। उन्होंने बताया कि स्नातक निर्वाचन में मुख्य रूप से 13 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं जिसमें भाजपा से अशोक राठौर, सपा से डा. मानसिंह यादव के साथ निर्दलीय प्रत्याशी केशवकांत शर्मा एडवोकेट, दीपक कुमार द्विवेदी, देवेश कुमार सिंह, मानसिंह यादव, रमेशचंद्र दुबे, राजकुमार, राहुल कनकने मोहित गुप्ता, विष्णु कुमार, शिवशंकर पटेल, शैलेंद्र कुमार व सारिका शामिल हैं।
स्नातक निर्वाचन में मतदान के लिए कर्मचारियों को मिलेगा विशेष आकस्मिक अवकाश
उरई। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के इलाहाबाद-झांसी खण्ड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचन-2026 में मताधिकार के प्रयोग को सुगम बनाने के लिए जनपद के पात्र कर्मचारियों को मतदान के दिन विशेष आकस्मिक अवकाश प्रदान किया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी समीर ने बताया कि इलाहाबाद-झांसी खण्ड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के बोनाफाइड मतदाता कर्मचारियों को 23 अक्टूबर 2026 को मतदान करने के लिए विशेष आकस्मिक अवकाश स्वीकृत करने की अनुमति प्रदान की गई है, ताकि वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। उन्होंने बताया कि संबंधित मतदाताओं के नियंत्रक प्राधिकारी एवं कार्यालयाध्यक्ष इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य पात्र कर्मचारियों को मतदान का अवसर उपलब्ध कराना तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।



