शिवा शर्मा हत्याकांड: आज नागपुर जिला कोर्ट में पेश होगी श्रद्धा दुबे, यूपी पुलिस मांगेगी ट्रांजिट रिमांड

लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड में आरोपी श्रद्धा दुबे की आज 21 अक्टूबर को नागपुर जिला कोर्ट में पेशी की तैयारी है। मंगलवार रात कागजी प्रक्रिया में देरी के चलते उसकी पेशी टल गई थी। अब उत्तर प्रदेश पुलिस की नजर आज होने वाली सुनवाई पर टिकी है। पुलिस श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को नागपुर से लखनऊ लाना चाहती है, ताकि तीनों से पूछताछ कर मामले की जांच को आगे बढ़ाया जा सके।
मंगलवार रात टल गई थी पेशी
शिवा शर्मा हत्याकांड में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को मंगलवार को हिरासत में लिया था। इसके बाद तीनों को महाराष्ट्र के नागपुर स्थित बेलतरोड़ी थाने लाया गया। हालांकि, आरोपियों को उत्तर प्रदेश ले जाने की प्रक्रिया के बीच कानूनी औपचारिकताओं में देरी सामने आई।
मंगलवार रात कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण श्रद्धा दुबे को अदालत में पेश नहीं किया जा सका। इसके बाद आज यानी 21 अक्टूबर को नागपुर जिला कोर्ट में उसकी पेशी कराने की तैयारी की जा रही है। अब अदालत की कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट होगा कि आरोपियों को उत्तर प्रदेश ले जाने की अनुमति कब तक मिल सकती है।
बेलतरोड़ी से हुड़केश्वर थाने शिफ्ट की गई श्रद्धा
आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद उन्हें नागपुर के बेलतरोड़ी थाने लाया गया था। बताया गया कि थाने में लॉकअप की व्यवस्था नहीं होने के कारण श्रद्धा दुबे को देर रात हुड़केश्वर थाने शिफ्ट किया गया। इस बीच यूपी पुलिस आरोपियों को लखनऊ लाने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है।
शिवा शर्मा की मौत के मामले में श्रद्धा दुबे और अन्य आरोपियों से पूछताछ को जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पुलिस की कोशिश है कि सभी आरोपियों को उत्तर प्रदेश लाकर मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की विस्तार से पड़ताल की जाए।
यूपी पुलिस मांगेगी ट्रांजिट रिमांड
आज की पेशी में सबसे अहम मुद्दा ट्रांजिट रिमांड का होगा। यूपी पुलिस श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को उत्तर प्रदेश लाने के लिए अदालत से ट्रांजिट रिमांड की अनुमति मांग सकती है। अदालत की मंजूरी मिलने के बाद पुलिस तीनों आरोपियों को नागपुर से लखनऊ ला सकेगी और आगे की जांच की प्रक्रिया शुरू कर सकेगी।
कानूनी प्रक्रिया के तहत जब पुलिस किसी दूसरे राज्य से गिरफ्तार आरोपी को अपने राज्य में ले जाना चाहती है, तो संबंधित परिस्थितियों के अनुसार अदालत से ट्रांजिट रिमांड की अनुमति लेनी होती है। इसका उद्देश्य आरोपी को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत संबंधित क्षेत्र की अदालत या जांच एजेंसी के समक्ष पेश करने के लिए ले जाना होता है।
अब अदालत के फैसले पर टिकी निगाहें
शिवा शर्मा हत्याकांड में तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच की अगली दिशा पर सबकी नजर है। नागपुर जिला कोर्ट में होने वाली पेशी और ट्रांजिट रिमांड पर अदालत का फैसला इस मामले में आगे की कार्रवाई तय करने में महत्वपूर्ण होगा।अगर पुलिस को ट्रांजिट रिमांड मिल जाती है, तो तीनों आरोपियों को लखनऊ लाकर पूछताछ की जा सकती है। इससे जांच से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब तलाशने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अदालत के फैसले और पुलिस की आगे की कार्रवाई को लेकर अंतिम स्थिति आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल, 21 अक्टूबर की पेशी इस मामले में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। अब देखना होगा कि अदालत ट्रांजिट रिमांड को लेकर क्या फैसला सुनाती है और यूपी पुलिस आरोपियों को लखनऊ लाने की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी कर पाती है।



