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डीएम के दरबार से तहसील पहुंचे शिवसेना पदधिकारी, गुंडा टिप्पणी पर भड़का गुस्सा

डीएम के दरबार से तहसील पहुंचे शिवसेना पदधिकारी, गुंडा टिप्पणी पर भड़का गुस्सा

पीलीभीत। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देश पर तहसील सदर पहुंचे शिवसेना जिलाध्यक्ष शैली शर्मा और जिला उपाध्यक्ष प्यारेलाल प्रजापति के साथ कथित तौर पर की गई अभद्र टिप्पणी का मामला मंगलवार को तूल पकड़ गया। शिवसेना पदाधिकारियों का आरोप है कि एसडीएम सदर श्रद्धा सिंह ने बातचीत के दौरान उन्हें ‘गुंडा’ कह दिया। बस फिर क्या था, तहसील में सरकारी कामकाज के बीच सियासी गर्मी बढ़ गई और पदाधिकारी एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।

शिवसेना पदाधिकारियों ने राजस्व प्रशासन और एसडीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि वे ग्राम प्रधान से जुड़े एक कार्य के संबंध में जिलाधिकारी के समक्ष पहुंचे थे। डीएम के निर्देश पर दोनों पदाधिकारी एसडीएम सदर से बातचीत करने पहुंचे थे, लेकिन मामूली कहासुनी देखते ही देखते विवाद में बदल गई।

शिवसेना नेताओं ने एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। इससे तहसील परिसर में भीड़ जुट गई और मामला चर्चा का विषय बन गया। खास बात यह रही कि विवाद बढ़ने के बाद एसडीएम श्रद्धा सिंह खुद मौके पर पहुंची और पदाधिकारियों के से उन्होंने बातचीत शुरू की। यानी जिस बातचीत से विवाद शुरू हुआ, उसी विवाद को शांत कराने के लिए दोबारा बातचीत का सहारा लेना पड़ा।
फिलहाल तहसील सदर परिसर में वार्ता के बाद धरना समाप्त हो गया।

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