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शिक्षा से ही समाज को मिलेगी नई दिशा, एकजुटता से होगा विकास: डॉ. विनोद बिंद

शिक्षा से ही समाज को मिलेगी नई दिशा, एकजुटता से होगा विकास: डॉ. विनोद बिंद

  • विशिष्ट अतिथि रीना बिंद ने कहा—समाज का हर बच्चा शिक्षित हो, युवा आत्मनिर्भर बनें और बेटियां आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें

पायनियर संवाददाता।चन्दौली

रविवार को ‘बिंद परिवार एनसीआर’ की ओर से महत्वपूर्ण बैठक एवं सामाजिक समागम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को नई दिशा देना, आपसी सहयोग बढ़ाना, विचारों का आदान-प्रदान करना तथा सामाजिक एकता को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भदोही के सांसद डॉ. विनोद बिंद तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रमुख समाजसेविका रीना बिंद शामिल रहे। वक्ताओं ने शिक्षा को सामाजिक उत्थान का आधार बताते हुए समाज के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. विनोद बिंद ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। नेल्सन मंडेला के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा दुनिया को बदलने की ताकत रखती है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि यदि समाज को दुखों और पिछड़ेपन से मुक्ति पानी है तो उसे संघर्ष करना होगा, लेकिन संघर्ष से पहले शिक्षित होना जरूरी है। बिना शिक्षा के अधिकारों की लड़ाई प्रभावी ढंग से नहीं लड़ी जा सकती।

डॉ. बिंद ने कहा कि अक्सर राजनीति को सभी समस्याओं के समाधान की चाबी माना जाता है, लेकिन उस चाबी का सही इस्तेमाल करने के लिए ज्ञान और समझ जरूरी है। शिक्षा ही वह माध्यम है, जो समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाती है। जब तक समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक शिक्षा का प्रकाश नहीं पहुंचेगा, तब तक वास्तविक सामाजिक और राजनीतिक सशक्तीकरण संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि आस्था के साथ ज्ञान और ज्ञान के साथ कौशल भी जरूरी है। समाज को आगे बढ़ाने के लिए संपन्न लोगों को गरीब परिवारों की आर्थिक मदद करनी चाहिए, ताकि उनके बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकें और अपने पैरों पर खड़े हो सकें। सफलता के रास्ते में कई बाधाएं आती हैं, लेकिन उनका सामना करते हुए निरंतर आगे बढ़ना चाहिए। स्वामी विवेकानंद के संदेश ‘उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने समाज के लोगों से शिक्षा और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देने की अपील की।

वहीं, विशिष्ट अतिथि प्रमुख समाजसेविका रीना बिंद ने कहा कि जब परिवार एकजुट होता है तो रिश्ते मजबूत होते हैं, विश्वास बढ़ता है और परिवार तरक्की करता है। इसी तरह जब समाज एकजुट होता है तो उसकी सामूहिक शक्ति बढ़ती है, नई संभावनाएं पैदा होती हैं और इतिहास निर्माण का रास्ता खुलता है।

उन्होंने कहा कि समाज का प्रत्येक नागरिक शिक्षित होगा तो युवा आत्मनिर्भर बनेंगे, महिलाएं सशक्त होंगी और समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने का समान अवसर मिलेगा। शिक्षा ही वास्तविक सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। जब विचारों के साथ व्यवहार, संकल्प के साथ समर्पण और व्यक्ति के साथ पूरा समाज खड़ा होता है, तभी सकारात्मक बदलाव संभव होता है।

रीना बिंद ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा अज्ञानता से मुक्ति दिलाने और समाज को जागरूक बनाने का महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने कहा कि जिस दिन समाज का हर बच्चा शिक्षित होगा, युवा आत्मनिर्भर बनेंगे और बेटियां आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेंगी, उस दिन समाज को नई दिशा मिलेगी।

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