प्राचार्य से सहायक अध्यापक तक 17 हजार से ज्यादा पद, जानिए यूपी में शिक्षा विभाग की भर्ती का पूरा गणित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए शिक्षा क्षेत्र से बड़ी भर्ती प्रक्रिया सामने आई है। योगी सरकार के छह माह में एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती के संकल्प के तहत शिक्षा क्षेत्र में 17,059 पदों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इन पदों में प्राचार्य, सहायक आचार्य, सहायक अध्यापक और प्रवक्ता के पद शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज की ओर से वर्ष 2026 में जारी विज्ञापनों के जरिए उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और बेसिक शिक्षा विभाग के पदों पर भर्ती की जा रही है। अलग-अलग पदों के लिए परीक्षाओं की तारीखें भी प्रस्तावित की गई हैं।
सबसे ज्यादा 11,508 पद बेसिक शिक्षा में
शिक्षा क्षेत्र की इन भर्तियों में सबसे बड़ा हिस्सा बेसिक शिक्षा विभाग का है। प्राथमिक शहरी यानी अर्बन क्षेत्र में सहायक अध्यापक के 11,508 पद विज्ञापित किए गए हैं। इन पदों के लिए परीक्षा 3 और 4 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है।
बेसिक शिक्षा विभाग में विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी स्पेशल टीईटी भी आयोजित की जा रही है। इसके जरिए विशेष शिक्षा के क्षेत्र में योग्य अभ्यर्थियों के लिए अवसर तैयार होंगे।
माध्यमिक शिक्षा में 3,504 पद
माध्यमिक शिक्षा विभाग में कुल 3,504 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इनमें सहायक अध्यापक के 897 और प्रवक्ता यानी पीजीटी के 2,607 पद शामिल हैं।
सहायक अध्यापक पदों के लिए परीक्षा 3 और 4 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है। वहीं प्रवक्ता पदों के लिए परीक्षा 15 और 16 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित की गई है। इन नियुक्तियों से माध्यमिक स्तर के शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों को भरने में मदद मिलेगी।
उच्च शिक्षा में 2,047 पद
उच्च शिक्षा विभाग में भी युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के 2,047 अवसर हैं। इनमें प्राचार्य के 111 और सहायक आचार्य के 1,936 पद शामिल हैं।
आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार के अनुसार सहायक आचार्य पदों के लिए परीक्षा 19 और 20 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उच्च शिक्षण संस्थानों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाई जा सकेगी।
किस विभाग में कितने पद?
शिक्षा क्षेत्र में विज्ञापित पदों का पूरा गणित देखें तो बेसिक शिक्षा के 11,508 पद सबसे अधिक हैं। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा में 2,607 प्रवक्ता और 897 सहायक अध्यापक के पद हैं। उच्च शिक्षा में 1,936 सहायक आचार्य और 111 प्राचार्य के पद शामिल हैं।
इस तरह स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक भर्ती प्रक्रिया का दायरा रखा गया है। कुल 17,059 पद एक लाख सरकारी भर्ती के लक्ष्य का करीब 17 प्रतिशत हैं।
रोजगार के साथ शिक्षा व्यवस्था को भी फायदा
इन भर्तियों का असर केवल रोजगार तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति से प्रदेश के स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों को जरूरी मानव संसाधन उपलब्ध होगा। लंबे समय से रिक्त पदों पर नियुक्तियां होने से शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिल सकती है।
योगी सरकार के मिशन रोजगार के तहत विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। शिक्षा क्षेत्र में 17 हजार से अधिक पदों की भर्ती इसी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें युवाओं को सरकारी सेवा में आने का अवसर मिलने के साथ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती देने का लक्ष्य रखा गया है।



