10 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ, CM योगी बोले- ‘स्वस्थ उत्तर प्रदेश’ बनी नई पहचान

लखनऊ, 9 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा और गंभीर बीमारियों के उपचार पर होने वाले खर्च को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार के प्रयासों की जानकारी साझा की है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान से आच्छादित 10 करोड़ से अधिक प्रदेशवासी गंभीर बीमारियों के इलाज के भारी खर्च की चिंता से मुक्त होकर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं।
सीएम योगी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बदलावों को ‘उपचार की विवशता से स्वास्थ्य सुरक्षा के विश्वास तक’ की यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और अंत्योदय के संकल्प के साथ प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश को स्वस्थ, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान का जिक्र
मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान को स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रयासों का अहम हिस्सा बताया। उनके अनुसार, इन योजनाओं के दायरे में 10 करोड़ से अधिक प्रदेशवासी शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य पात्र परिवारों को गंभीर बीमारियों के उपचार के दौरान होने वाले भारी खर्च से राहत देना है।
स्वास्थ्य सुरक्षा की योजनाएं उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिनके सामने गंभीर बीमारी के समय इलाज के खर्च की चुनौती खड़ी हो जाती है। ऐसे में योजना का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचना और अस्पतालों में उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित करना अहम है।
मेडिकल कॉलेजों की संख्या 36 से बढ़कर 85 हुई
सीएम योगी ने स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव के साथ मेडिकल शिक्षा के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 36 थी, जो अब बढ़कर 85 हो गई है। इसी अवधि में एमबीबीएस की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 से अधिक हो गई हैं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, मेडिकल कॉलेजों और एमबीबीएस सीटों में वृद्धि से एक ओर चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़े हैं, तो दूसरी ओर लोगों को अपने घर के नजदीक उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिली है। सरकार ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ के संकल्प के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने पर जोर दे रही है।
‘स्वस्थ प्रदेश-सक्षम प्रदेश’ बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017 से पहले स्वास्थ्य क्षेत्र में मौजूद कमजोरियों को पीछे छोड़ते हुए व्यवस्था में बदलाव की दिशा में काम किया है। उन्होंने इस परिवर्तन को उत्तर प्रदेश की नई पहचान से जोड़ा।
सरकार के सामने अब स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने, अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ उपलब्ध कराने और उपचार की गुणवत्ता बनाए रखने की चुनौती भी है। स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं और चिकित्सा संस्थानों के विस्तार का असर तभी व्यापक होगा, जब जरूरतमंद मरीजों को समय पर और सुलभ उपचार मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में स्वस्थ और सक्षम उत्तर प्रदेश के निर्माण के संकल्प को दोहराते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को प्रदेश के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बताया।



