बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप नई दिल्ली में 17 से 23 अगस्त तक होगी।
नई दिल्ली। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू सोमवार से शुरू हो रही बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में घरेलू दर्शकों के समर्थन और जापान ओपन की जीत से मिले आत्मविश्वास के साथ इतिहास रचने के इरादे से उतरेंगी। भारत 17 साल बाद इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है और भारतीय खिलाड़ियों की नजरें घरेलू परिस्थितियों का भरपूर फायदा उठाने पर होंगी।सिंधू अब तक विश्व चैंपियनशिप में पांच पदक जीत चुकी हैं, जिसमें एक स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। अब उनकी नजर रिकॉर्ड छठे पदक पर है। यदि वह सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रहती हैं तो कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो जाएगा और वह विश्व चैंपियनशिप के इतिहास में छह पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन जाएंगी।सिंधू के अलावा चीन के लिन डैन ने पुरुष एकल में पांच स्वर्ण पदक जीते हैं, जबकि उनकी हमवतन झाओ युनलेई ने तीन मिश्रित युगल और दो महिला युगल खिताब सहित कुल पांच पदक अपने नाम किए हैं।
सिंधू को मिला अनुकूल ड्रॉ
नौवीं वरीयता प्राप्त सिंधू अपने अभियान की शुरुआत आयरलैंड की 141वीं रैंकिंग वाली सोफिया नोबेल के खिलाफ करेंगी। उन्हें अपेक्षाकृत अनुकूल ड्रॉ मिला है। प्री-क्वार्टरफाइनल में उनका सामना चीन की तीसरी वरीयता प्राप्त वांग झी यी से हो सकता है, जबकि क्वार्टरफाइनल में इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वरदानी संभावित प्रतिद्वंद्वी होंगी।शीर्ष वरीयता प्राप्त और ओलंपिक चैंपियन आन से यंग भी सिंधू के खिताबी सफर में बड़ी चुनौती बन सकती हैं।पिछले महीने जापान ओपन सुपर 750 जीतने वाली पहली भारतीय बनी सिंधू ने कहा कि वह विश्व चैंपियनशिप को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जापान ओपन की जीत से मिला आत्मविश्वास यहां भी उनके प्रदर्शन में नजर आएगा और भारतीय दर्शकों का समर्थन उन्हें पदक जीतने के लिए प्रेरित करेगा।महिला एकल में भारत की उन्नति हुडा भी पहली बार विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगी। उनका शुरुआती मुकाबला म्यांमार की थेत हतार थुजार से होगा।
सात्विक-चिराग की नजर फिर पोडियम पर
पुरुष युगल में पांचवीं वरीयता प्राप्त सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी एक बार फिर पोडियम पर पहुंचने के लक्ष्य के साथ उतरेगी। यह जोड़ी विश्व चैंपियनशिप में दो बार कांस्य पदक जीत चुकी है। उन्होंने 2022 और 2025 में तीसरा स्थान हासिल किया था।सात्विक और चिराग को पहले दौर में बाई मिली है और वे दूसरे दौर से अभियान शुरू करेंगे। क्वार्टरफाइनल में उनका सामना चीन के लियांग वेइकेंग और वांग चांग से हो सकता है, जबकि सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के मुहम्मद फिक्री और फजर अल्फियन की जोड़ी संभावित प्रतिद्वंद्वी हो सकती है।हालांकि सात्विक की कंधे की बार-बार होने वाली समस्या टीम के लिए चिंता का विषय रहेगी। इसी चोट के कारण वह पिछले कुछ टूर्नामेंटों में हिस्सा नहीं ले सके थे।एमआर अर्जुन और हरिहरन अमसाकरुनन की दूसरी भारतीय पुरुष युगल जोड़ी भी अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार है। उनका पहला मुकाबला आयरलैंड के स्कॉट गिल्डिया और पॉल रेनॉल्ड्स से होगा।
आयुष शेट्टी के सामने मौजूदा चैंपियन
पुरुष एकल में 21 वर्षीय आयुष शेट्टी पर भी नजरें रहेंगी। उनका पहला मुकाबला मौजूदा विश्व चैंपियन और दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी शी यु ची से होगा। आयुष को चीनी खिलाड़ी के खिलाफ अपने पिछले तीनों मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है।वहीं 14वीं वरीयता प्राप्त लक्ष्य सेन अपने अभियान की शुरुआत ऑस्ट्रिया के कोलिन्स वैलेंटाइन फिलिमोन के खिलाफ करेंगे। लक्ष्य ने 2021 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था और वह एक बार फिर पोडियम पर पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध होंगे।
महिला और मिश्रित युगल में भी उम्मीदें
महिला युगल में त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी स्पेन की पाउला लोपेज और लूसिया रोड्रिगेज के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी।विश्व चैंपियनशिप में पहली बार हिस्सा ले रही सिमरन सिंघी और कविप्रिया सेल्वम की जोड़ी पहले दौर में स्पेन की निकोल कारुल्ला और कारमेन मारिया जिमेनेज से भिड़ेगी।मिश्रित युगल में 15वीं वरीयता प्राप्त ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को पहले दौर में बाई मिली है। वे प्री-क्वार्टरफाइनल में चीन की छठी वरीयता प्राप्त गुओ शिनवा और चेन फांगहुई की जोड़ी से भिड़ सकते हैं। रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी गड्डे की जोड़ी अपने अभियान की शुरुआत कनाडा के जोनाथन लाई और क्रिस्टल लाई के खिलाफ करेगी। दूसरे दौर में उनके सामने शीर्ष वरीयता प्राप्त फेंग यानझे और हुआंग डोंगपिंग की जोड़ी आने की संभावना है।
17 साल बाद भारत में विश्व चैंपियनशिप
भारत इससे पहले 2009 में हैदराबाद में विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप की मेजबानी कर चुका है। ऐसे में 17 साल बाद देश में हो रही इस प्रतियोगिता को भारतीय बैडमिंटन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।इस साल की शुरुआत में इंडिया ओपन के दौरान वायु गुणवत्ता, आयोजन स्थल की स्वच्छता, पक्षियों की बीट और आवारा जानवरों से जुड़ी घटनाओं को लेकर सवाल उठे थे। मामला काफी सुर्खियों में रहा था। इसके बाद भारतीय खेल प्राधिकरण, भारतीय बैडमिंटन संघ और अन्य संबंधित विभागों ने विश्व चैंपियनशिप के सुचारू आयोजन के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।अब घरेलू दर्शकों की नजरें भारतीय खिलाड़ियों पर टिकी हैं। सिंधू जहां रिकॉर्ड छठे पदक के साथ इतिहास बनाने की कोशिश करेंगी, वहीं सात्विक-चिराग की जोड़ी लगातार तीसरी बार विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने के लक्ष्य के साथ कोर्ट पर उतरेगी। लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी और भारतीय युगल जोड़ियों से भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी।