एम्सटेलवीन। भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच विश्व कप के आखिरी पूल मैच में इंग्लैंड को गोलरहित ड्रॉ पर रोककर दूसरे दौर में जगह बना ली। भारत के गोलकीपरों ने शानदार प्रदर्शन किया, खासकर आखिरी सीटी से 30 सेकंड पहले बिछू देवी ने बायीं ओर डाइव लगाकर निश्चित गोल बचाया।
भारत को अगले दौर में पहुंचने के लिए इस मैच में केवल ड्रॉ की जरूरत थी, लेकिन टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। पासिंग, गेंद पर नियंत्रण और पेनल्टी कॉर्नर के इस्तेमाल में भारतीय खिलाड़ियों ने कई गलतियां कीं। भारत को छह पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन दीपिका और नवनीत उन्हें गोल में नहीं बदल सकीं।चीन ने अपने आखिरी मैच में दक्षिण अफ्रीका को 5-1 से हराकर पूल डी में शीर्ष स्थान हासिल किया। भारत एक जीत और दो ड्रॉ के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
भारत की शुरुआत आक्रामक रही और पहले 15 मिनट में टीम को तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन कोई भी गोल में नहीं बदला। चौथे मिनट में सुनेलिटा के प्रयास से पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला। नवनीत के शॉट पर गेंद गोल के भीतर जाने से पहले इशिका से टकरा गई। सातवें मिनट में मिले दूसरे पेनल्टी कॉर्नर पर नवनीत की हिट लक्ष्य से बाहर चली गई। इसके बाद दीपिका की ड्रैग फ्लिक भी सटीक नहीं रही।इंग्लैंड ने जवाबी हमले तेज किए और 10वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। उसकी ड्रैग फ्लिक को सुनेलिटा ने शानदार तरीके से रोका। तेज बारिश के बीच दोनों टीमों ने कई मौके बनाए, लेकिन पहले क्वार्टर में गोल नहीं हुआ।
𝗧𝗛𝗘 𝗙𝗜𝗚𝗛𝗧 𝗖𝗢𝗡𝗧𝗜𝗡𝗨𝗘𝗦! 🇮🇳🔥
A hard-fought battle until the final whistle! 💪🏑
The Indian Women’s Team played out a gritty 0️⃣-0️⃣ draw against England in their final Pool D clash at the FIH Hockey World Cup Belgium & Netherlands 2026. 🇮🇳
With the result, India… pic.twitter.com/roJhowCnGT
— Hockey India (@TheHockeyIndia) August 20, 2026
दूसरे क्वार्टर में भारत ने 21वें मिनट में अच्छा मौका गंवाया। नवनीत ने सलीमा टेटे को गेंद दी, लेकिन भारतीय टीम इसे गोल में नहीं बदल सकी। 24वें मिनट में लालरेम्सियामी ने चौथा पेनल्टी कॉर्नर दिलाया, जिस पर दीपिका की फ्लिक को इंग्लैंड की गोलकीपर मिरियम प्रिचार्ड ने शानदार तरीके से रोक दिया। हाफटाइम तक स्कोर 0-0 रहा।तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में भारत को लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन टीम इसका फायदा नहीं उठा सकी। नवनीत ने एक बार गेंद को गोल में पहुंचाया, लेकिन शॉट नियमों के मुताबिक नहीं होने के कारण गोल नहीं दिया गया। दूसरी ओर इंग्लैंड को लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले, जिन्हें भारतीय गोलकीपर सविता पूनिया और बिछू देवी ने शानदार बचाव से नाकाम किया।
इंग्लैंड ने आखिरी क्वार्टर में दबाव बढ़ाया और लगातार पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। 50वें मिनट में भारत ने रेफरल भी गंवाया। इसके बाद भी बिछू देवी और भारतीय डिफेंस ने इंग्लैंड को गोल नहीं करने दिया।आखिरी दो मिनट में इंग्लैंड ने आक्रामक रुख अपनाते हुए अपना गोलकीपर भी हटा दिया, लेकिन भारतीय रक्षा पंक्ति ने अंतिम क्षणों तक संयम बनाए रखा। गोलरहित ड्रॉ के साथ भारत ने पूल डी में दूसरा स्थान हासिल कर विश्व कप के अगले दौर में प्रवेश किया।