किसानों के सवाल में उलझ गए अधिकारी,नही दे पाएं माकूल जवाब

महराजगंज। जब रखवार ही खेत की फसल चरने लगे, तो उस किसान की क्या दुर्गति होगी, यह हर कोई आसानी से समझ सकता है। यह साबित कर दिखाया महराजगंज का किसान दिवस। यहां सिर्फ कृषि विभाग के अधिकारी और छोटे-मोटे कर्मचारीयों की मौजूदगी में ही किसान दिवस औने-पौने समय में निपटा दिया जाता है। यहां न तो नामित अधिकारी शिरकत करते हैं, न ही किसान। हर बार रटा-रटाया एक ही सवाल और एक ही जवाब सभागार के माईक में गूंजता है ठीक है... ठीक है...आप की समस्यायों का समाधान कर दिया।जाएगा। लेकिन खरीफ भी बीत गया। रबी का सीजन भी सीर पर आ पहुंचा है।फिर वही साधन सहकारी समितियों पर अधिक मूल्य लेकर खाद दिया जाता है। सिसवा बीज गोदाम पर अंगुठा तो लगवा लिया जाता है, लेकिन उन्हें पर्ची कभी नहीं मिली।यूपीडास्प के तहत एग्रीटेक, पराली, खाद बीज, आनलाइन बुकिंग की समस्या, यूरिया के साथ नैनों और उद्यान विभाग में पंजीकरण होने के बाद भी किसान को कुछ नही मिला। जैसे समस्याएं बुधवार को आयोजित विकास भवन के नवनिर्मित सभागार में नजर आई। मुठ्ठी भर किसानों के बीच वसी वादा किसी को एक बार फिर किसी को रास नही आईं। समय करीब 12:15 बजे थे। धीरे धीरे विकास भवन के सभागार भरने लगा।पता चला कि आज किसान दिवस में समस्याएं निस्तारण जरूर हो जाएगी। लेकिन कुर्सियां पर उपकृषि निदेशक, ज़िला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, एलडीएम,एआर कोवापरेटिव सहित कृषि विभाग के छोटे छोटे कर्मचारी बैठे थे। जबकि बताया जाता है कि हर किसान दिवस में कृषि से सम्बंधित सभी जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। लेकिन मौके पर गिने चुने विभागों के अधिकारी कम उनके मातहतों की संख्या अधिक रही। नेता सुरहूरवा के संतराज यादव,सिसवनिया के सुरजमन,खेमपिपरा के राम नयन, रमाशंकर, इमिलिया के त्रियुगीनारायण,परसा के जनार्दन पटेल, मुहम्मद सईद खान,हरीओम पटेल, नन्दलाल ने कहा कि किसान दिवस में समस्याएं सिर्फ कागजों पर दर्ज की जाती है इसका निस्तारण कब होगा,किसी को नही मालूम। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि रबी सीजन में समस्याएं गिनाए थी लेकिन अभी वह समस्याएं यथाव मुंह बाए खड़ी है। सिसवा गोदाम पर किसान बीज के लिए अगुठा तो लगवाएं जाते हैं लेकिन मिनी किट नही मिलता हैं।
*निर्देश के बाद भी,नही आते अधिकारी*
शासन का निर्देश है माह के तीसरे बुधवार को किसान दिवस में न तो कृषि से सम्बन्धित कोई अधिकारी आता है न ही किसी समस्या का निस्तारण हो पाता है जबकि बकायदे इनके नाम चिठ्ठी भी जारी की जाती है पर अधिकारी किसानों की समस्यायों के सुनने में रुचि नही दिखाते यह एक अबूझ पहेली बनी हुई है।
*दो टाली पराली देने पर मिलेगी गोबर की खाद*
उपकृषि निदेशक संजीव कुमार ने किसानों को बताया कि किसान किसी भी गोआश्रय में दो टाली पराली पहुंचाएगा तो उसे एक ट्राली गोबर की खाद दी जाएगी। उन्होंने अपील किया कि किसान इसका भरपूर लाभ उठाएं। उन्होंने ने कहा कि पराली जलाएं नही बल्कि उसे सड़ाकर खाद बनाएं। इससे जहा लागत कम होगी वही उत्पादन बढ़ जाएगा।



