बैंक के चक्कर से राहत, घर बैठे डिजिटल KCC का लाभ; यूपी में 1 लाख से ज्यादा किसानों ने किया आवेदन

लखनऊ, 8 अक्टूबर। खेती-किसानी में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है और उत्तर प्रदेश में इसका असर अब कृषि ऋण व्यवस्था में भी दिखाई देने लगा है। डिजिटल किसान क्रेडिट कार्ड यानी ई-केसीसी के लिए प्रदेश में एक लाख से ज्यादा किसान ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं। खास बात यह है कि यह आंकड़ा डिजिटल KCC सुविधा शुरू होने के महज आठ महीने में पार हुआ है।
इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जहां आठ महीने के भीतर एक लाख से अधिक किसानों ने ई-केसीसी पोर्टल या एप के जरिए आवेदन किया है। डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को कृषि ऋण की प्रक्रिया से ऑनलाइन जोड़ना और बैंकिंग प्रक्रिया को उनके लिए आसान बनाना है।
छोटे और सीमांत किसानों के लिए आसान हुई प्रक्रिया
कृषि क्षेत्र में छोटे और सीमांत किसानों को अक्सर ऋण की जरूरत होती है, लेकिन बैंकिंग प्रक्रिया में लगने वाला समय और दस्तावेजी औपचारिकताएं उनके लिए चुनौती बन सकती हैं। डिजिटल KCC इसी प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में शुरू की गई पहल है।
अब किसान डिजिटल माध्यम से KCC के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे उन्हें आवेदन के लिए बार-बार बैंक शाखा जाने की जरूरत कम हो सकती है। घर बैठे आवेदन की सुविधा से किसानों के समय और श्रम की बचत होने की उम्मीद है।
आठ महीने में एक लाख का आंकड़ा
उत्तर प्रदेश में डिजिटल KCC सुविधा की शुरुआत फरवरी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाबार्ड द्वारा संचालित पहल के तहत की थी। इसके बाद किसानों के बीच ऑनलाइन आवेदन को लेकर तेजी देखने को मिली।आठ महीने में एक लाख से अधिक आवेदन का आंकड़ा पार होना डिजिटल कृषि सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल का संकेत माना जा रहा है। किसानों के लिए कृषि ऋण व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने की कोशिश के तहत ई-केसीसी को महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।
कर्नाटक और हरियाणा से भी आगे यूपी
ई-केसीसी आवेदन के मामले में उत्तर प्रदेश फिलहाल देश में सबसे आगे है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, करीब 95 हजार आवेदन के साथ कर्नाटक दूसरे और लगभग 42 हजार आवेदन के साथ हरियाणा तीसरे स्थान पर है।यूपी में एक लाख से ज्यादा आवेदन का आंकड़ा पार होना यह भी बताता है कि डिजिटल माध्यम से कृषि सेवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश में किसान तेजी से शामिल हो रहे हैं।
डिजिटल कृषि व्यवस्था को मिल रहा विस्तार
डिजिटल KCC के जरिए किसानों को कृषि ऋण प्रक्रिया से ऑनलाइन जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इसका मकसद आवेदन की प्रक्रिया को ज्यादा सुविधाजनक बनाना और किसानों को औपचारिक कृषि ऋण व्यवस्था तक आसानी से पहुंच उपलब्ध कराना है।सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने बताया कि डिजिटल KCC शुरू करने का उद्देश्य किसानों को तकनीक के माध्यम से कृषि ऋण व्यवस्था से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि महज आठ महीनों में एक लाख से ज्यादा किसानों का आवेदन करना इस पहल के विस्तार को दर्शाता है।
समय पर वित्तीय मदद तक पहुंच की कोशिश
खेती में मौसम, फसल और बाजार की परिस्थितियों के कारण किसानों को अलग-अलग समय पर वित्तीय जरूरत पड़ती है। ऐसे में कृषि ऋण की प्रक्रिया जितनी सरल और सुलभ होगी, किसानों के लिए उतना ही आसान होगा कि वे औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था का इस्तेमाल कर सकें।डिजिटल KCC इसी दिशा में एक कदम है। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा के जरिए किसानों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने और कृषि ऋण की प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।उत्तर प्रदेश में एक लाख से ज्यादा किसानों का ई-केसीसी के लिए आवेदन करना डिजिटल कृषि सेवाओं के विस्तार की दिशा में अहम उपलब्धि है। अब चुनौती इस सुविधा को ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचाने और डिजिटल माध्यम से कृषि ऋण प्रक्रिया को और सहज बनाने की होगी।



